रायपुर। नशीले कफ सिरप, कैप्सूल और गांजा की तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने पांच दोषियों को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास और डेढ़-डेढ़ लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विशेष लोक अभियोजक के.के. चंद्राकर ने बताया कि पंडरी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दलदल सिवनी क्षेत्र में कुछ लोग संदिग्ध रूप से घूम रहे हैं। पुलिस ने 6 मार्च 2022 की रात करीब 11.35 बजे दबिश देकर बलौदाबाजार निवासी गोपाल कृष्ण वर्मा, हरीश कुमार चतुर्वेदी और पंडरी निवासी सतनाम सिंह को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके बैग से 1195 बोतल कफ सिरप और नशीले कैप्सूल बरामद किए गए।
इसी प्रकार देवभोग पुलिस ने 8 सितंबर 2021 को शादाब खान (दिल्ली) और घनश्याम मेहर (कालाहांडी, ओडिशा) को 61 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास से 6060 रुपये नकद भी बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा ओडिशा से कार में लाकर बेचने की फिराक में थे।
दोनों मामलों की जांच के बाद पुलिस ने अदालत में केस डायरी प्रस्तुत की। सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत में 37 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
वहीं गांजा तस्करी के प्रकरण में फरार आरोपियों अर्शी खान और इन्द्रीश शेख (दिल्ली निवासी) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।



















