रायपुर। दंतेवाड़ा में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा और होटल कारोबारी दीपक टंडन के बीच जारी विवाद की जांच पूरी हो पूरी हो गई है। तबादले के बाद रायपुर से राजनांदगांव जाने से पहले एएसपी कीर्तन राठौर ने इस मामले की जांच पूरी कर 1480 पन्नों की रिपोर्ट एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह को सौंपी है। वहीं रायपुर पुलिस ने यह रिपोर्ट गृह विभाग को भेज दी है।
जांच में खुलासा हुआ है कि डीएसपी वर्मा और कारोबारी टंडन के बीच घनिष्ठ संबंध थे। दोनों अक्सर साथ समय बिताते थे। कारोबारी ने डीएसपी को महंगे उपहार और नकद में बड़ी रकम दी है। दोनों के बीच पैसों का लेन-देन भी हुआ है। डीएसपी ने
डीएसपी ने गिफ्ट में ली 12 लाख की डायमंड रिंग

पुलिस जांच में यह साबित हुआ है कि कारोबारी टंडन ने डीएसपी वर्मा को 12 लाख रुपए की डायमंड रिंग उपहार में दी थी। इसके बाद 5 लाख रुपए के सोने के जेवर भी दिए गए। लग्जरी कार और मोबाइल फोन भी उपहार में दिए गए थे। टंडन ने करीब 2 करोड़ रुपए खर्च करने का दावा किया है। जांच में इसके सबूत भी मिले हैं। डीएसपी के घर में जो कार है, वह टंडन के नाम पर है, जिसे उपहार के रूप में दिया गया था।
इन उपहारों को स्वीकार भी किया है, लेकिन इनकी जानकारी न तो विभाग को दी और न ही आयकर विभाग को, जबकि नियमानुसार उन्हें विभाग से इसकी अनुमति लेना अनिवार्य था। जांच में यह भी सामने आया है कि डीएसपी ने दंतेवाड़ा नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी कई गोपनीय जानकारियां भी लीक की है। उन्होंने कारोबारी को संबंधित रिपोर्ट वाट्सएप की है। कई वरिष्ठ अधिकारियों के चैट भी वह टंडन को दिखाती थीं। डीएसपी के भाई और पिता से भी कारोबारी का लेन-देन रहा है।
मारपीट की रिपोर्ट नहीं लिखी टीआई ने लिए 10 लाख रुपए
कारोबारी टंडन की होटल के भीतर पिटाई का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में टंडन ने जांच अधिकारी को सबूत दिए हैं कि वे रिपोर्ट लिखाने तेलीबांधा थाने गए थे, लेकिन तत्कालीन टीआई ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बजाय मामले में समझौता करा दिया गया। आरोप है कि इसके बदले आरोपियों से 15 लाख रुपए लिए गए, जिसमें से 10 लाख टीआई ने अपने पास रखे और 5 लाख टंडन को दिए गए। इस मामले में डीएसपी वर्मा ने टंडन के पक्ष में फोन भी किया था।



















