राजनांदगांव थाना बसंतपुर क्षेत्र में चल रहे फर्जी मैरिज ब्यूरो का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. “लव लाईफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो” नाम से संचालित इस ठगी रैकेट के दो संचालक गिरफ्तार कर लिए गए. पुलिस ने एक साल के बैंक स्टेटमेंट की जांच में कुल 37,69,000 रुपये की ठगी का खुलासा किया.
बसंतपुर में फर्जी मैरिज ब्यूरो का खुलासा
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को अज्ञात सूत्रों से सूचना मिली कि सृष्टि कॉलोनी में युवकों को फर्जी रिश्ते का लालच देकर पैसे ठगे जा रहे हैं. प्रारंभिक जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन ने की. जांच में अपराध पुष्ट होने पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 135/2026 दर्ज किया गया. थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू की टीम ने छापेमारी कर दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया. आरोपी नेहा पाठक (23 वर्ष), निवासी लेबर कॉलोनी, वार्ड नंबर 17, थाना सिटी कोतवाली और धर्मेंद्र मानिकपुरी (32 वर्ष), निवासी ग्राम जंगलपुर, जिला कबीरधाम (हाल मुकाम रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी, राजनांदगांव) हैं.
व्हाट्सएप पर लड़कियों की फोटो भेजकर लड़कों को दिया झांसा
पूछताछ में पता चला कि दोनों ने युवतियों की फोटो इंटरनेट से डाउनलोड कर 2286 फर्जी प्रोफाइल बनाईं. इन फर्जी आईडी से युवकों को व्हाट्सएप पर “सुंदर लड़की मिल रही है, बात करवाएंगे” कहकर संपर्क किया जाता था. फिर रजिस्ट्रेशन, पैकेज और फैमिली मीटिंग के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक वसूले जाते थे. पैसे लेने के बाद किसी न किसी बहाने से संपर्क काट दिया जाता था.
37 लाख से ज्यादा की ठगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 एंड्रॉइड मोबाइल, 14 की-पैड मोबाइल और 9 रजिस्टर/कॉपी जब्त किए. आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2), 112(2), 319, 336(2), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत मामला दर्ज किया गया. दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया. पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है.
राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन मैरिज ब्यूरो, सोशल मीडिया या व्हाट्सएप विवाह प्रस्ताव पर बिना सत्यापन के पैसे न दें. संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें.



















