रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भाजपा नेता द्वारा अफीम की खेती करने का मामला उजागर होने के बाद राज्य की राजनीति गरमाई हुई है। पिछले 48 घंटों से कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर हमलावर है। वहीं भाजपा भी कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने उतर आई है। अफीम की खेती का मुद्दा सड़क से सदन तक पहुंचने की खबर है। सोमवार को इस मुद्दे पर विपक्ष विधानसभा में काम रोको प्रस्ताव (स्थगन) लाने की तैयारी कर रहा है। इसके पहले ही भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सवाल उठाया कि राज्य सरकार अफीम की खेती मामले में कार्रवाई कर रही है, फिर भी कांग्रेस बेचैन क्यों है? जब सरकार ने संपूर्ण कार्रवाई कर ली, तब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खेत में वीडियो कैमरा लेकर क्यों गए? वहां अफीम के फूल की चोरी हुई? इस संबंध में भाजपा ने एक ऑडियो भी जारी किया और बताया कि इसे कांग्रेस ने अपने अधिकृत वेबसाइट में जारी किया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा, नलिनीश ठोकने, शिवनारायण पाण्डेय और प्रदेश मंत्री अमित साहू ने रविवार को रजबंधा मैदान स्थित भाजपा कार्यालय ‘एकात्म परिसर’ में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के जरिए यह मुद्दा उठाया। डॉ. मिश्रा ने सबसे पहले अफीम की खेती का वीडियो दिखाया और बताया कि कैसे मक्का और गेहूं की उपज के बीच अफीम की खेती की जा रही थी। जांच में स्पष्ट हो चुका है कि अफीम की खेती पिछले पांच वर्षों से चल रही थी। इसका सीधा अर्थ है कि यह काला कारोबार कांग्रेस शासनकाल के दौरान शुरू हुआ और उनके संरक्षण में पनपा, मगर भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार ने सूचना मिलते ही एक घंटे के भीतर कलेक्टर, पुलिस और सभी एजेंसियों को मौके पर भेजकर त्वरित कार्रवाई की।
संपूर्ण कार्रवाई के बाद क्यों गए भूपेश?
प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री बघेल से सवाल किया कि जब सरकार और प्रशासन पूरी तत्परता से कार्रवाई कर रहे थे, तो वे अगले ही दिन कैमरा लेकर वहां क्यों पहुंच गए? बघेल के साथ जो लोग वहां पहुंचे, वे वीडियो में अफीम चुराकर बेचने की बात करते सुने जा रहे हैं। यह वीडियो खुद कांग्रेस की वेबसाइट पर डाला गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कांग्रेस के लोगों की संलिप्तता का संदेह जाहिर किया और कहा कि विपक्ष तब शोर मचाता है, जब कार्रवाई न हो रही हो। यहां तो राज्य सरकार ने अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं का वहां जमावड़ा सिर्फ ‘राजनीति चमकाने’ की कोशिश है या अपने करीबियों को बचाने का प्रयास? डॉ. मिश्रा ने यह सवाल उठाया कि क्या श्री बघेल वहां इसलिए पहुंचे थे ताकि जांच की दिशा मोड़ी जा सके या सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा सके? उन्होंने विश्वास जताया कि इस मामले की गहन जांच और मिलने वाले तथ्य से आगे सत्यता का खुलासा होगा। सरकार नशे के किसी भी सौदागर को नहीं बख्शने वाली है। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में कांग्रेस नेताओं के कृत्यों की भी जांच की मांग की जाएगी।
कांग्रेस ने हमेशा अपराधियों को बचाया – अमित साहू
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश मंत्री अमित साहू ने भी सवाल उठाया कि किसी भाजपा नेता को ऐसे कृत्य करने की कोई छूट नहीं है। पार्टी ने आरोप लगते ही उक्त भाजपा नेता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया, लेकिन कांग्रेस ने कभी ऐसी हिम्मत नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व मंत्री कवासी लखमा जेल में रहकर आ गए, विधायक देवेंद्र यादव पर कांग्रेस पार्टी ने क्या कारवाई की। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत पर आरोप लगे पर क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दर्जनों नेताओं से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए, कांग्रेस पार्टी ने क्या कार्रवाई की। प्रदेश की जनता सब समझ गई है कि कांग्रेस ही भ्रष्टाचार और अपराधों की जननी है, इसलिए कांग्रेस को भाजपा संगठन पर सवाल उठाने से पहले खुद से जवाब लेना चाहिए।



















