रायपुर। नगर निगम रायपुर द्वारा शहर में पेड़ों की गिनती और उनकी प्रजातियों की पहचान के लिए शुरू किया गया “ग्रीन ट्री प्रोजेक्ट” अब अधर में लटक गया है। करीब 20 से 22 लाख रुपए खर्च कर तैयार की गई योजना और मोबाइल एप्लीकेशन के बावजूद आज तक यह पता नहीं चल पाया कि शहर में कुल कितने पेड़ हैं और उनकी किस्में क्या हैं।
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर के सभी पेड़ों का विस्तृत सर्वे कर उन्हें यूनिक आईडी देने की योजना बनाई गई थी। प्रत्येक पेड़ की उम्र, ऊंचाई, मोटाई और प्रजाति की जानकारी एप में अपडेट की जानी थी, ताकि भविष्य में एक क्लिक पर पूरी जानकारी उपलब्ध हो सके। लेकिन यह योजना कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी।
पहले चरण में 10 हजार पेड़ों की गिनती, पर अधूरा डेटा
पड़ताल में सामने आया है कि शुरुआती चरण में करीब 10 हजार पेड़ों की गिनती तो की गई, लेकिन उनके विस्तृत आंकड़े जैसे उम्र, ऊंचाई, मोटाई और प्रजाति अब तक दर्ज नहीं किए गए। इससे पूरा डेटा बेस अधूरा रह गया और प्रोजेक्ट का उद्देश्य ही अधूरा रह गया।
एप्लीकेशन भी हो गया बेकार
पेड़ों की गणना के लिए विशेष मोबाइल एप भी तैयार किया गया था, लेकिन समय के साथ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बदलने के कारण योजना पर काम बंद हो गया। वर्तमान में यह एप्लीकेशन भी काम नहीं कर रहा है। जबकि इसके जरिए शहर के वानिकी अनुपात और हरित घनत्व का आकलन कर आगे की योजना बनाई जानी थी।
नक्शे पर दर्ज होना था हर पेड़
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य शहर के नक्शे पर हर पेड़ की सटीक लोकेशन और जानकारी दर्ज करना था, जिससे वृक्षों का रूट चार्ट और प्लांटेशन प्लान तैयार किया जा सके। लेकिन तकनीकी खामियों और योजना के ठप पड़ने से यह लक्ष्य भी पूरा नहीं हो सका।
इस मामले में नगर निगम के उद्यानिकी प्रभारी भोलाराम साहू ने कहा कि वे प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेकर ही कुछ स्पष्ट कह पाएंगे। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे इस योजना को दोबारा शुरू करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।



















