छत्तीसगढ़ सरकार ने सिंगल-यूज प्लास्टिक पर अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है. वहीं अब राज्य शहरी विकास प्राधिकरण (SUDA) ने राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों को सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल, बिक्री और स्टोरेज पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं.
इन निर्देशों के तहत नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में नियमित रूप से निरीक्षण और कार्रवाई की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों, व्यापारियों और प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया जाएगा.
सिंगल-यूज प्लास्टिक को लेकर पर SUDA की सख्ती
दरअसल, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के लिए नई और सख्त एडवाइजरी जारी की है. इस कदम का मुख्य मकसद गंभीर पर्यावरणीय नुकसान को रोकना और सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को पूरी तरह खत्म करना है. इस मुद्दे पर शहरों में जागरूकता अभियान चलाने के भी आदेश जारी किए गए हैं.
नियम तोड़ने वालों पर लगेगा जुर्माना
निर्देशों के अनुसार राज्य के किसी भी हिस्से में सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल, स्टोरेज या बिक्री नहीं की जा सकती. अधिकारियों को बाज़ार इलाकों, दुकानों और गोदामों का अचानक इंस्पेक्शन करने का आदेश दिया गया है.
अगर कोई व्यापारी या नागरिक बैन प्लास्टिक का इस्तेमाल करते हुए पाया जाता है, तो उस पर तुरंत जुर्माना लगाया जाएगा और गंभीर मामलों में उसके बिजनेस लाइसेंस को रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है.
स्वच्छता दीदियों की भूमिका, घर-घर पहुंचेगा संदेश
SUDA ने साफ कहा है कि सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्पों को आम लोगों तक पहुंचाने में स्वच्छता दीदियां अहम भूमिका निभाएंगी. डोर-टू-डोर अभियान के जरिए नागरिकों को कपड़े के थैले, जूट बैग और अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. उद्देश्य साफ है प्लास्टिक की आदत बदले और टिकाऊ विकल्प अपनाए जाएं.



















