India EU Free Trade Agreement: भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA पर आखिरकार सहमति बन गई है. इसे लोग “मदर ऑफ ऑल डील्स” कह रहे हैं, यानी अब तक का सबसे बड़ा समझौता. यह डील मंगलवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से मुलाकात की.
यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट ने क्या कहा
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि आज भारत और यूरोप ने इतिहास रचा है. उन्होंने कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड समझौता है. इससे करीब दो अरब लोगों के लिए एक खुला बाजार बनेगा और दोनों को फायदा होगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह तो बस शुरुआत है, आगे दोनों के रिश्ते और मजबूत होंगे.
उनके मुताबिक, इस समझौते से भारत की स्किल और सर्विसेज यूरोप की टेक्नोलॉजी, पैसा और नए आइडियाज से जुड़ेंगी. इससे ऐसी तरक्की होगी जो अकेले मुमकिन नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में जब ट्रेड को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, तब यह समझौता आपसी निर्भरता को संतुलित करेगा.

यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष का बयान
यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि समिट में यूक्रेन में शांति को लेकर भी बात हुई. उन्होंने कहा कि यूरोप और भारत दोनों एक निष्पक्ष और स्थायी शांति के समर्थन में हैं, जो यूक्रेन की आज़ादी और सीमाओं का सम्मान करे. उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते, भारत और EU की जिम्मेदारी है कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के नियमों को मजबूत किया जाए.
क्यों खास है यह समझौता
इस FTA को बहुत अहम माना जा रहा है. इससे भारत और यूरोप के रिश्तों को नई दिशा मिलेगी और कई नए सेक्टर में काम के मौके खुलेंगे. हालांकि, इस पर आधिकारिक साइन होने में अभी करीब छह महीने लग सकते हैं, क्योंकि दोनों तरफ कानूनी जांच होगी.
18 साल पुरानी अड़चन खत्म
भारत और यूरोपियन यूनियन ने पहली बार 2007 में इस समझौते पर बातचीत शुरू की थी. लेकिन कुछ मुद्दों पर सहमति न बनने की वजह से 2013 में बातचीत रुक गई. फिर जून 2022 में बातचीत दोबारा शुरू हुई और अब जाकर डील फाइनल हुई है.
भारत-EU व्यापार की स्थिति
यूरोपियन यूनियन भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है. साल 2024-25 में दोनों के बीच करीब 136 अरब डॉलर का सामान का व्यापार हुआ. इसमें भारत का निर्यात करीब 76 अरब डॉलर और आयात करीब 60 अरब डॉलर रहा.
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता दुनिया की कुल GDP का 25 फीसदी और वैश्विक व्यापार का करीब एक-तिहाई हिस्सा कवर करता है. उन्होंने कहा कि यह डील 140 करोड़ भारतीयों और यूरोप के लोगों के लिए नए मौके लाएगी.
पीएम ने बताया कि भारत और EU के बीच करीब 180 अरब डॉलर का आपसी व्यापार है और यूरोप में करीब 8 लाख भारतीय रहते हैं. उन्होंने इसे दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण बताया.
समझौते के बड़े फैसले एक नजर में
- बीयर पर टैक्स घटाकर 50 फीसदी किया जाएगा
- शराब पर टैक्स 40 फीसदी किया जाएगा
- वाइन पर टैक्स 20 से 30 फीसदी तक घटेगा
- मोटर गाड़ियों पर टैक्स 110 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी किया जाएगा, साल में 2.5 लाख गाड़ियों की सीमा होगी
- ऑलिव ऑयल, मार्जरीन और वेजिटेबल ऑयल पर टैक्स खत्म होगा
- फ्रूट जूस और प्रोसेस्ड फूड पर टैक्स हटेगा
- EU के ज्यादातर केमिकल प्रोडक्ट्स पर टैक्स नहीं लगेगा
- मशीनरी पर लगने वाला 44 फीसदी तक का टैक्स ज्यादातर हटेगा
- केमिकल्स पर 22 फीसदी तक का टैक्स कम होगा
- दवाइयों पर लगने वाला 11 फीसदी तक का टैक्स भी ज्यादातर खत्म होगा
- एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट से जुड़े लगभग सभी सामान पर टैक्स नहीं लगेगा
- भारत में EU के 90 फीसदी से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर टैक्स खत्म या कम होगा
- अगले दो साल में भारत को प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैस कम करने के लिए EU करीब 500 मिलियन यूरो की मदद देगा
- EU के ट्रेडमार्क, डिजाइन और कॉपीराइट को भारत में मजबूत कानूनी सुरक्षा मिलेगी
- डिजिटल ट्रेड के लिए अलग नियम होंगे, ताकि ऑनलाइन व्यापार सुरक्षित रहे
- फाइनेंशियल और समुद्री सेवाओं में EU की कंपनियों को भारत में खास सुविधा मिलेगी
- इससे नए बिजनेस और नौकरियों के मौके बनेंगे
- छोटे और मझोले उद्योगों के लिए अलग चैप्टर होगा
- SME के लिए संपर्क केंद्र बनाए जाएंगे, ताकि व्यापार करना आसान हो सके



















