किंगदाओ। स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु के बिना कमजोर पड़ी भारतीय महिला टीम को यहां मंगलवार से शुरू हो रही बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में खिताब बचाने में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। दूसरी ओर, पुरुष टीम पोडियम पर जगह बनाने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों पर निर्भर रहेगी। पुरुष वर्ग में 12 जबकि महिला वर्ग में 11 टीमें हिस्सा लेंगी।
चोट के कारण हटीं
भारत ने पिछले सत्र में मलेशिया में अपना पहला महिला टीम स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा था पर हाल में चोट के कारण सिंधु के हटने से उनकी पदक जीतने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु की जगह किसी को शामिल नहीं किया गया है। उनकी गैरमौजूदगी में भारतीय अभियान की जिम्मेदारी तन्वी शर्मा की अगुआई वाली युवा खिलाड़ियों पर होगी।
पंजाब की 17 साल की तन्वी 2024 में चैंपियन टीम का हिस्सा थीं लेकिन उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। अगले दो साल में तन्वी विश्व जूनियर चैंपियनशिप में रजत और अमेरिकी ओपन सुपर 300 में फाइनल तक पहुंचकर महिला एकल में बड़ी उम्मीद बनकर उभरी हैं।
लक्ष्य, प्रणय पर दारोमदार
भारतीय पुरुष टीम 2016 और 2020 की कांस्य विजेता है। इस टीम में वही मुख्य खिलाड़ी हैं जिनकी मौजूदगी में टीम ने 2022 में थॉमस कप में ऐतिहासिक स्वर्ण जीता था। दुनिया के 13वें नंबर के लक्ष्य सेन की अगुआई वाली टीम में पूर्व नंबर एक किदांबी श्रीकांत और अनुभवी एचएस प्रणय भी हैं। ये तीनों विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता हैं।
लक्ष्य ने पिछले साल ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता था और हांगकांग ओपन के फाइनल में पहुंचे थे। श्रीकांत भी मलेशिया मास्टर्स और सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय में फाइनल में पहुंचे थे लेकिन प्रणय मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उभरते युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने पिछले साल अमेरिकी ओपन सुपर 300 का खिताब जीता था।
सात्विक-चिराग पर नजरें
युगल में फिर विश्व चैंपियनशिप की दो बार की कांस्य विजेता जोड़ी सात्विकसाईराज रांकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पर नजरें होंगी। साई प्रतीक के, पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय और हरिहरन अमसाकरुणन अन्य युगल खिलाड़ी हैं। ग्रुप सी में पुरुष टीम सिंगापुर के खिलाफ अभियान शुरू करेगी, फिर जापान के खिलाफ ग्रुप मैच होगा। हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमें दो साल में होने वाली इस प्रतियोगिता में क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी।




















