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KRK Oshiwara Firing Case: KRK की मुश्किलें बढ़ीं, 14 दिन की न्यायिक हिरासत

KRK Oshiwara Firing Case: मुंबई के ओशिवारा फायरिंग मामले में एक्टर कमाल राशिद खान, यानी KRK, की परेशानी और बढ़ गई है. अंधेरी की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पूछताछ के दौरान KRK ने खुद गोली चलाने की बात मानी है.

इस मामले के बाद वर्सोवा पुलिस ने KRK के हथियार लाइसेंस को रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. KRK के पास 7.76 एमएम की जर्मनी में बनी माउजर पिस्टल थी. इससे जुड़े सभी कागजात पुलिस कमिश्नर के दफ्तर भेज दिए गए हैं. वहीं, KRK की वकील सना खान ने कोर्ट में जमानत की अर्जी भी लगाई है, जिस पर सुनवाई होनी बाकी है.

KRK Oshiwara Firing Case:
KRK Oshiwara Firing Case:

गोलियों को लेकर जांच जारी

पुलिस का कहना है कि इस केस में अभी पूरी जांच बाकी है. जांच अधिकारी के मुताबिक, इस घटना में दो गोलियां चलाई गई थीं, लेकिन अब तक पुलिस को सिर्फ एक खाली कारतूस ही मिला है. लाइसेंसी पिस्टल में कुल सात गोलियां आती हैं, लेकिन बाकी गोलियों का अब तक पता नहीं चल सका है. पुलिस का कहना है कि KRK ने बताया है कि जमानत मिलने के बाद वह बाकी गोलियां पुलिस को सौंप देंगे. उनका दावा है कि वे गोलियां उनके भाई के पास उत्तर प्रदेश में रखी हैं.

कोर्ट ने पुलिस से पूछे सवाल

जब कोर्ट को बताया गया कि इस फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ, तो जज ने सवाल किया कि फिर पुलिस हिरासत की जरूरत क्यों पड़ी. कोर्ट ने फायरिंग की जगह और शिकायतकर्ता के घर के बीच की दूरी को लेकर भी जानकारी मांगी. पुलिस ने यह दूरी 400 से 500 मीटर बताई, जबकि बचाव पक्ष का कहना था कि यह दूरी करीब एक किलोमीटर है. इस पर सवाल उठा कि क्या गोली इतनी दूर तक जा सकती है. पुलिस ने कहा कि यह संभव है.

जमानत पर क्या बोले KRK के वकील

KRK की वकील सना खान ने कोर्ट में कहा कि उनकी गिरफ्तारी सही प्रक्रिया के बिना की गई, क्योंकि पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया था. उन्होंने बताया कि पुलिस पहले ही हथियार जब्त कर चुकी है और मामले में कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं है. वकील का कहना था कि यह मामला ज्यादातर गोलियों के रिकॉर्ड में हुई चूक से जुड़ा है, जो आर्म्स एक्ट के तहत छोटा अपराध माना जाता है. इसमें जुर्माना या ज्यादा से ज्यादा छह महीने की सजा का प्रावधान है.

AI तकनीक से जांच का दावा

पुलिस के मुताबिक, 18 जनवरी को नालंदा बिल्डिंग में रहने वाले स्क्रीनराइटर नीरज मिश्रा और मॉडल प्रतीक बैद के फ्लैट के अंदर दीवार और अलमारी में दो गोलियां फंसी हुई मिली थीं. यह जगह KRK के बंगले से करीब 300 मीटर दूर है. पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान AI तकनीक की मदद से गोली की दिशा और आवाज का विश्लेषण किया गया. इससे यह साफ हुआ कि फायरिंग KRK के हथियार से ही हुई थी.

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