रायपुर। राजधानी होली के रंग में रंगने लगी है। गोल बाजार से लेकर सुंदरनगर, संतोषी नगर, टिकरापारा, गुढ़ियारी, कटोरा तालाब तक सभी बाजार सज चुके हैं। बाजारों में हर्बल गुलाल व रंगों की भारी मांग है। इस बार हर्बल गुलाल, सिलेंडर कलर और फैंसी पिचकारियों की जबरदस्त मांग है। बच्चों की खास पसंद पिचकारी भी अब बिकने लगी है। बाजार में 10 रुपए लेकर से 2000 रुपए तक की पिचकारियां ग्राहकों को लुभा रही हैं। वहीं बाजार में चाइनीज की बजाय देसी सामान पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। व्यापारियों को भी इस बार होली पर अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है।
दुकानदारों ने होली से एक सप्ताह पूर्व ही दुकानों सजाना जाना शुरू कर दिया था। छोटे-छोटे दुकानदारों के अलावा होलसेलर्स के अनुसार, इस बार हर्बल गुलाल, सिलेंडर कलर और फैंसी पिचकारियों की जबरदस्त मांग है। बच्चों की खास पसंद पिचकारी भी अब बिकने लगी है। पहले चाइनीज पिचकारी का बोलबाला हुआ करता था। दाम कम होने की वजह से इसकी बिक्री अधिक
होती थी। क्वालिटी अच्छी नहीं होने के कारण होली आते-आते खराब हो जाती थी। ऐसे में अब देसी पिचकारी खूब भा रही है। लोगों के सोच में भी बदलाव आने से चाइनीज सामान की अपेक्षा भारतीय सामान खरीदने पर जोर दे रहे हैं। चार मार्च को होली के रंग में अब पूरा बाजार रंग गया है।
सुंदरनगर के दुकानदार श्रीराम चौरसिया ने बताया कि हर्बल गुलाल, सिलेंडर कलर और फैंसी पिचकारियों की जबरदस्त मांग है। बाजार में 10 रुपए से लेकर 1000 रुपए की हाइटेक पिचकारियां आ गई है। इलेक्ट्रॉनिक गन, ड्रेगन पिचकारी, सिलेंडर गुलाल, गोल्डन सिल्वर स्प्रे, मिसाइल टॉप, वाटर गन और फैंसी पिचकारियां बच्चों और युवाओं को खूब लुभा रही हैं।
दुकानदार पवन साहू और दिनेश गोयल ने बताया कि उनके यहां लगभग 10 तरह के हर्बल गुलाल उपलब्ध हैं, जो कि पूर्ण रूप से नेचुरल हैं। हर्बल गुलालों में फ्लॉवर गुलाल और फ्रूट गुलाल उपलब्ध हैं। इन गुलालों की अलग-अलग वैरायटियां हैं, जिनकी खुशबू खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं जिनकी कीमत भी ज्यादा नहीं पैकेटों के हिसाब से गुलालों के कीमत निर्धारित है।



















