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Naxalism nears end in Chhattisgarh: लौटी बस्तर की सांस, अब सिर्फ 400 वर्ग किमी में ही नक्सलवाद

Naxalism nears end in Chhattisgarh: जगदलपुर। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत के ऐलान के बाद वर्ष 2025 में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सुरक्षाबलों को अभूतपूर्व सफलता मिली थी। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की मांद में घुसकर ऑपरेशन किया और एक ही साल में करोड़ों के ईनामी 256 नक्सलियों को एनकाण्टर में ढेर कर दिया। वहीं साल भर में करोड़ों के ईनामी सर्वाधिक 1562 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर पुलिस के सामने हथियार डाल दिया। गत वर्ष मिली सफलता को बरकरार रखते हुए अब वर्ष 2026 में बचे हुए नक्सलियों को टारगेट करने रणनीति तैयार है, फोर्स का प्रयास रहेगा कि 31 मार्च तक नक्सलवाद का सफाया करते हुए बस्तर में पूर्ण शांति बहाल किया जा सके।

दशक भर पहले तक नक्सलियों का बस्तर के 42 हजार वर्ग किमी में एकछत्र राज हुआ करता था, जो धीरे धीरे कम होते हुए वर्तमान में सिमटकर 4 सौ वर्ग किमी तक ही रह गया है, जो संभाग के 4 जिले में अलग अलग इलाके में सक्रिय नजर आ र आ रहे हैं। फोर्स का पूरा फोकस इन नक्सलियों को केन्द्र के ऐलान के मुताबिक 31 मार्च तक समर्पण या मुठभेड़ में मार गिराया जाएगा। जिसके लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है।

मिशन 2026 के तहत निर्णायक सुरक्षा से स्थायी शांति की ओर बस्तर अग्रसर (Naxalism nears end in Chhattisgarh)

गौरतलब है कि बस्तर रेंज ने हाल के वर्षों में वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध संघर्ष में निर्णायक और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। आसूचना आधारित सटीक अभियानों के माध्यम से माओवादी शीर्ष नेतृत्व को कमजोर किया गया है, हथियारों की अभूतपूर्व बरामदगी सुनिश्चित हुई है तथा वरिष्ठ कैडरों सहित बड़ी संख्या में निरंतर परिचालन दबाव के नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराया गया है। यही वजह है कि गत वर्ष प्रभावी क्षेत्र प्रभुत्व, सुदृढ़ अंतर-बल समन्वय तथा परिणामस्वरूप नक्सली गतिविधियों पर निर्णायक बढ़त स्थापित हुई है। सुरक्षा परिदृश्य में आए इस सकारात्मक परिवर्तन से भय और अस्थिरता में उल्लेखनीय कमी आई है। जिससे शासन, विकास और सामान्य जीवन की बहाली के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है। बेहतर सुरक्षा स्थितियों ने अवसंरचना विकास को नई गति दी है तथा दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में कल्याणकारी योजनाओं की अंतिम छोर तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की है।

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