छत्तीसगढ़ के दो जिलों में जमीन की खरीद-फरोख्त को आसान बनाने के लिए नई गाइडलाइन दरें 2 मार्च से लागू की जाएंगी। प्रशासन का मानना है कि नई दरों के लागू होने से संपत्ति के पंजीयन (रजिस्ट्री) में पारदर्शिता बढ़ेगी और बाजार मूल्य के अनुसार जमीन की कीमत तय हो सकेगी। नई गाइडलाइन दरें लागू होने के बाद जमीन और संपत्तियों की रजिस्ट्री वास्तविक बाजार मूल्य के करीब होगी, जिससे राजस्व में भी वृद्धि होने की संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से दरों में संशोधन की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया गया है।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड से मिली मंजूरी
दुर्ग और सरगुजा की समितियों ने अपने-अपने हिसाब से नई दरों का प्रस्ताव भेजा. इन प्रस्तावों पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में चर्चा हुई और आखिरकार इन्हें मंजूरी दे दी गई. अब इन जिलों में जमीन या मकान की रजिस्ट्री नई तय दरों के अनुसार ही होगी.
आम लोगों को मिलेगी राहत
सरकार का कहना है कि इससे प्रॉपर्टी की सही कीमत पर रजिस्ट्री हो पाएगी। पहले कई बार दरें बाजार से मेल नहीं खाती थीं, जिससे लोगों को परेशानी होती थी. नई व्यवस्था से यह दिक्कत कम होगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी. आम लोगों के लिए भी यह राहत की बात है, क्योंकि अब उन्हें पहले से ही स्पष्ट रहेगा कि किस इलाके में कितनी गाइडलाइन दर है. इससे खरीद-बिक्री के समय कन्फ्यूजन कम होगा.
नई दरों की जानकारी लोग अपने जिले के रजिस्ट्री ऑफिस या विभाग की वेबसाइट से आसानी से ले सकते हैं. खास बात यह है कि सरकार ने प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए नई गाइडलाइन दरें जारी कर दी हैं. इसका मकसद है कि पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान, व्यवस्थित और विवाद से मुक्त हो सके, ताकि आम लोगों को फायदा मिले.
4 जिलों में 27 फरवरी प्रस्तावित दरें लागू
राज्य के दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों में गाइडलाइन की नई दरों के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया गया है. केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में ये निर्णय लिया गया.



















