रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (रविवि) अब केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्रों को भविष्य का बिजनेस लीडर बनाने की तैयारी में जुट गया है। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 से नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अपनी स्वयं की सेक्शन-8 कंपनी ‘इनोवेशन टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप फाउंडेशन’ की शुरुआत की है।
इस पहल के तहत ‘आइडिया एथॉन’ प्रोग्राम के जरिए 5 सर्वश्रेष्ठ छात्र नवाचारों का चयन किया गया है, जिन्हें कारोबार में बदलने के लिए विश्वविद्यालय पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। यदि किसी बेहतरीन स्टार्टअप विचार को बाहरी निवेशक नहीं मिलता, तो विश्वविद्यालय स्वयं 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान करेगा। इस सत्र में अब तक 56 छात्र जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। हर साल 5 सर्वश्रेष्ठ विचारों को पेटेंट कराने या स्टार्टअप मोड में विकसित करने की योजना है।
4 माह में तैयार होगा ‘डिस्प्ले सेंटर’
विश्वविद्यालय परिसर में एक अत्याधुनिक डिस्प्ले सेंटर बनाया जा रहा है, जो अगले चार महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा। इसका उद्देश्य छात्र अपने द्वारा विकसित किए गए प्रोडक्ट्स को यहाँ प्रदर्शित और बेच सकेंगे। इससे फायदा ये होगा कि पढ़ाई के दौरान ही विद्यार्थियों को रियल-मार्केट (वास्तविक बाजार) का अनुभव मिलेगा।
बीएआरसी के साथ तकनीक साझा करेगा विश्वविद्यालय
पीआईटीईएफ ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ हाथ मिलाया है। इसमें मुंबई स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के साथ ‘आकृति केंद्र’ के जरिए तकनीकी ट्रांसफर के लिए एमओयू शामिल है। इससे छात्रों को अत्याधुनिक तकनीक को व्यावसायिक रूप देने में मदद मिलेगी।
“विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ नवाचार और रोजगार से जोड़ने के लिए इसी माह से सेक्शन-8 पीआईटीईएफ परियोजना शुरू कर रहे हैं। इससे छात्र केवल रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनेंगे।”
– प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला, कुलपति, रविवि रायपुर




















