छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का भव्य उत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ आज से शुरू हो रहा है। इस महोत्सव का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। राष्ट्रपति की मौजूदगी से यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान हासिल करने जा रहा है।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी तीन दिनों के दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। उनके दौरे के दौरान बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा, विकास और जनजातीय कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों और बैठकों का भी आयोजन प्रस्तावित है।
आदिवासी संस्कृति का महापर्व
बस्तर पंडुम को बस्तर की समृद्ध आदिवासी विरासत, लोककला, नृत्य, संगीत, रीति-रिवाज और पारंपरिक जीवनशैली को मंच देने वाला सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है। महोत्सव में विभिन्न जनजातियों द्वारा पारंपरिक नृत्य, वेशभूषा, लोकगीत, हस्तशिल्प और खान-पान की झलक देखने को मिलेगी।
राष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिश
राज्य सरकार का कहना है कि बस्तर पंडुम के जरिए बस्तर की संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रपति की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिया जा रहा है।
सुरक्षा और विकास पर भी रहेगा फोकस
अमित शाह के दौरे के दौरान बस्तर संभाग में चल रहे विकास कार्यों, आदिवासी कल्याण योजनाओं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा भी की जाएगी। माना जा रहा है कि केंद्र और राज्य सरकार बस्तर के समग्र विकास को लेकर कुछ अहम संदेश और योजनाएं साझा कर सकती हैं।
तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, कलाकार, प्रशासनिक अधिकारी और देशभर से आए अतिथि शामिल होंगे। बस्तर पंडुम 2026 को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और तैयारियों का माहौल है।



















