रायपुर | सेरीखेड़ी ओवरब्रिज के नीचे करीब 30 साल से रह रहे 30 से ज्यादा परिवारों को बिना व्यवस्थापन के खदेड़ने की नोटिस दे दी गई है। परिवारवालों का आरोप है कि रेलवे और प्रशासन की लापरवाही की वजह से अब उन्हें सड़क पर गुजारा करना पड़ेगा।
प्रशासन और निगम की ओर से अभी तक उनका व्यवस्थापन नहीं किया जा रहा है और न ही कोई कोशिश हो रही है। इससे नाराज लोगों ने मंगलवार को कलेक्टोरेट का घेराव किया। परिवार के लोग अफसरों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। विधानसभा में बजट सत्र होने की वजह से कलेक्टोरेट में अफसर नहीं थे। इस वजह से लोग और नाराज हुए। लोग कई देर
तक कलेक्टोरेट परिसर में ही डटे रहे। लोगों ने बताया कि वे पिछले 30 साल से बिना किसी विवाद के सेरीखेड़ी ओवरब्रिज के नीचे रह रहे थे। इन परिवारों को हाल ही में रेलवे प्रशासन ने हटने के लिए नोटिस जारी किया है। इसके बाद से ही परिवार वाले परेशान हो गए हैं। बच्चे डरे हुए हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ये परिवार निम्न आय वर्ग वाले हैं। यहां रहने वाले परिवारों के बच्चे स्थानीय स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। महिलाएं एवं बुजुर्ग यहां की सामाजिक-आर्थिक जड़ों से गहराई से जुड़े हैं। किसी के पास कोई वैकल्पिक आवास भी नहीं है। अचानक हटाए जाने से इनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका एवं परिवार की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ेगा।



















