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रायपुर नगर निगम का धमाका: 31 मार्च को एक ही दिन में वसूला ₹8.17 करोड़ राजस्व, जोन-2 और जोन-5 रहे सबसे आगे

मुख्य आंकड़े (31 मार्च 2026):

•           कुल वसूल राशि: ₹8,17,36,218

•           कुल करदाता: 7,912

•           समय: सुबह 10:00 से रात्रि 10:00 बजे तक

•           टॉप परफॉर्मिंग जोन्स: जोन 2, जोन 4, जोन 5 और जोन 10।

रायपुर | वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन, 31 मार्च को रायपुर नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग ने रिकॉर्ड तोड़ वसूली की है। महावीर जयंती के शासकीय अवकाश के बावजूद, नगर निगम के सभी 10 जोनों में सुबह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक करदाताओं का तांता लगा रहा। दिन भर में कुल 7,912 संपत्ति करदाताओं ने 8 करोड़ 17 लाख 36,218 रुपये का राजस्व जमा किया।

वसूली की रेस में जोन-2 और जोन-5 का दबदबा

नगर निगम के सभी जोनों में राजस्व जमा करने के लिए नागरिकों में उत्साह देखा गया, लेकिन जोन-2 और जोन-5 ने बाजी मार ली:

•           जोन-2: कमिश्नर संतोष पाण्डेय और सहायक राजस्व अधिकारी विजय शर्मा के नेतृत्व में जोन-2 की टीम कुल वसूली के लक्ष्य से 3 करोड़ रुपये आगे रही।

•           जोन-5: कमिश्नर खीरसागर नायक और सहायक राजस्व अधिकारी प्रमोद जाधव के मार्गदर्शन में यह जोन लक्ष्य से पौने तीन करोड़ रुपये आगे रहा।

•           जोन-4: कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी के नेतृत्व में 1,450 करदाताओं से 2 करोड़ 6 लाख रुपये की सफल वसूली की गई।

विशेष रूप से, 31 मार्च को जोन-2, 4 और 10 की टीमों ने व्यक्तिगत रूप से एक-एक करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व वसूल कर निगम के कोष में बड़ा योगदान दिया।

होलीक्रॉस स्कूलों ने चुकाया 18 साल का बकाया, खुली सील

राजस्व वसूली अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता तब मिली जब होलीक्रॉस स्कूल बैरनबाजार और होलीक्रॉस स्कूल शैलेंद्र नगर ने वर्ष 2008 से लेकर 2026 तक का अपना संपूर्ण बकाया आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से जमा कर दिया। भुगतान की पुष्टि होने के बाद, नगर निगम जोन-4 की टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए स्कूलों के परिसरों में लगाई गई सील खोल दी।

कड़ी कार्रवाई: सीलबंदी और नल विच्छेदन जारी

आयुक्त विश्वदीप के सख्त निर्देशों के बाद, उन बकायेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई जिन्होंने बार-बार नोटिस के बावजूद कर जमा नहीं किया था:

1.         व्यावसायिक परिसर: कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मौके पर ही सीलबंद किया गया।

2.         आवासीय क्षेत्र: घरों का बकाया राजस्व जमा न करने वाले नागरिकों के नल कनेक्शन काटने (नल विच्छेद) की कार्रवाई जोरों पर रही।

3.         निरंतर निगरानी: जोन कमिश्नरों, अभियंताओं और राजस्व अधिकारियों की टीमें सुबह से देर रात तक वार्डों में सक्रिय रहीं।

प्रशासनिक संतोष

नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के कुशल निर्देशन में मिली इस बड़ी सफलता से निगम के सभी अधिकारी और कर्मचारी अत्यंत उत्साहित हैं। अवकाश के दिन भी निगम कार्यालयों में नागरिकों को कर जमा करने के लिए ‘सहज और सरल’ व्यवस्था प्रदान की गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

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