रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में बेकाबू होते सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए रायपुर पुलिस अब ‘जनभागीदारी’ का सहारा लेने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी और मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक के बाद पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं में 10 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य रखा है। इस मिशन को धरातल पर उतारने के लिए आगामी 18 जनवरी को एक बड़ा आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में 4500 पुलिस मितानों को सक्रिय किया जाएगा।
2025 के डराने वाले आंकड़े: राजधानी में 618 मौतें
साल 2025 सड़क सुरक्षा के लिहाज से राजधानी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। आंकड़ों के मुताबिक: कुल हादसे 2063 एक्सीडेंट दर्ज किए गए। इन हादसों में 618 लोगों ने अपनी जान गंवाई, वहीं 1382 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं, पूरे प्रदेश की बात करें तो 2025 में 15,290 सड़क हादसे हुए, जो 2024 की तुलना में 2.91% अधिक हैं।
खरोरा हादसे के बाद उपजा ‘पुलिस मितान’ का कांसेप्ट
सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस मितानों की अवधारणा खरोरा रोड पर हुए उस भीषण हादसे के बाद शुरू हुई थी, जिसमें 14 ग्रामीणों की मौत हो गई थी। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह की पहल पर गांव-गांव के युवाओं, ट्रांसपोर्टरों और पंचायत प्रतिनिधियों को इस अभियान से जोड़ा गया।
क्या करेंगे पुलिस मितान?
- फर्स्ट एड: घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाने और प्राथमिक उपचार में मदद।
- जागरूकता: माल वाहक वाहनों में सवारी न बैठाने और ट्रैफिक नियमों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट: जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर व्यवस्था संभालना।
वजर्न
18 जनवरी के आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। पुलिस मितान न केवल घायलों की मदद कर रहे हैं, बल्कि जागरूकता अभियान की अहम कड़ी बन चुके हैं। उन्हें आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
-डॉ. प्रशांत शुक्ला, एएसपी ट्रैफिक, रायपुर



















