शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में जागरूकता अभियान; जेल, वृद्धाश्रम और स्कूलों में लगेंगे विशेष शिविर
रायपुर। शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय (GDC), रायपुर में ‘विश्व मौखिक स्वास्थ्य माह’ के अवसर पर महीने भर चलने वाले विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) के निर्देशानुसार, 20 मार्च से 20 अप्रैल 2026 तक चलने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समुदाय को दंत स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।
थीम: “A Happy Mouth is a Happy Life”
इस वर्ष के आयोजन का विषय “A Happy Mouth is a Happy Life” (स्वस्थ मुँह, सुखी जीवन) रखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौखिक स्वास्थ्य केवल सुंदर मुस्कान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसकी अनदेखी से दांतों में सड़न और मसूड़ों के रोगों के साथ-साथ अन्य गंभीर शारीरिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
विविध प्रतियोगिताओं और रैलियों से जन-जागरूकता
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेन्द्र वाढेर के मार्गदर्शन में छात्रों और स्टाफ ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में हिस्सा लिया। जागरूकता फैलाने के लिए कॉलेज परिसर और सार्वजनिक स्थानों पर निम्नलिखित गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है:
- नुक्कड़ नाटक और रैली: सरल संदेशों के माध्यम से आम जन को दांतों की सुरक्षा के प्रति प्रेरित करना।
- रचनात्मक प्रतियोगिताएं: पोस्टर मेकिंग, रील (वीडियो) निर्माण और रंगोली प्रतियोगिताओं के जरिए छात्रों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
- मरीजों से संवाद: अस्पताल में आने वाले मरीजों को प्रतिदिन स्वास्थ्य वार्ता के जरिए सही ब्रशिंग तकनीक और खान-पान की जानकारी दी जा रही है। साथ ही मुफ्त टूथपेस्ट और माउथवॉश का वितरण भी किया जा रहा है।
जेल और वृद्धाश्रम में पहुँच रही डेंटिस्ट की टीम
अभियान को जमीनी स्तर पर ले जाने के लिए महाविद्यालय द्वारा कई स्वास्थ्य शिविरों की रूपरेखा तैयार की गई है।
- सेंट्रल जेल उप-केंद्र: कैदियों के लिए विशेष दंत परीक्षण और जागरूकता शिविर।
- वृद्धाश्रम एवं स्कूल: मदर टेरेसा वृद्धाश्रम, केवीजीएस स्कूल रायपुर और बीरगांव स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में मौखिक स्वच्छता की जांच की जाएगी।
- ग्रामीण क्षेत्र: अभनपुर उपकेंद्र में भी ग्रामीण आबादी को दंत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इनका रहा विशेष योगदान
आयोजन की सफलता में डॉ. मिलिंद वासनीक (विभागाध्यक्ष, सार्वजनिक स्वास्थ्य दंत चिकित्सा), डॉ. सोपान सिंह, डॉ. रामकृष्ण चेव्वुरी, डॉ. अभिनव पारख और डॉ. मनीष राठौर सहित पीजी छात्र डॉ. पूनम, डॉ. आरुही, डॉ. नेहा, डॉ. रिया, डॉ गार्गी, डॉ जागृति और डॉ सोनिया और अन्य इंटर्न्स व कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

























