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Rangbhari Ekadashi 2026: इस बार कब है रंगभरी एकादशी? पूजा के लिए नोट करें ये 2 शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में फाल्गुन का महीना सबसे खास माना जाता है। इस महीने में कई तीज-त्योहार पड़ते हैं। इस महीने में पड़ने वाली दोनों एकादशी भी खास मानी जाती है। एक एकादशी कल यानी 13 फरवरी को है और इसका नाम विजया एकादशी है। दूसरी एकादशी रंगभरी यानी आमलकी एकादशी है। ये एकादशी शुक्ल पक्ष में आती है। रंगभरी एकादशी के व्रत की काफी मान्यता है। इस दिन सृष्टि के रचियता भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव की भी पूजा होती है। मान्यता है कि इस दिन रखे गए व्रत और पूजा से हर मनोकामना पूरी होती है। हर बार एकादशी की तारीख को लेकर लोगों में खूब कन्फ्यूजन होता है। नीचे विस्तार से जानें कि इस साल रंगभरी एकादशी किस दिन पड़ रही है और साथ ही जानें इस बार पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या होने वाला है?

इस दिन है रंगभरी एकादशी

रंगभरी एकादशी हर बार फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर पड़ती है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार इस तिथि की शुरुआत 27 फरवरी की रात 12:33 बजे से होगी। इस तिथि का समापन सेम तारीख पर ही हो जाएगी। समापन का समय 10:32 बजे हैं। इसी वजह से इस एकादशी के लिए व्रत और पूजा का दिन 27 फरवरी ही होगा। इस दिन शुक्रवार भी है तो ऐसे में इस पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन को सौभाग्य और सुख-शांति से भी जोड़कर देखा जाता है क्योंकि शुक्रवार को मां लक्ष्मी को भी पूजा जाता है।

क्या है महत्व?

पौराणिक कथा के हिसाब से फाल्गुन महीने में पड़ने वाले शुक्ल पक्ष की एकादशी पर ही भगवान शिव मां पार्वती के साथ पहली बार काशी आए थे। इस दौरान सभी देवगणों ने फूल और अबीर-गुलाल के साथ स्वागत किया था। इसके बाद से ही काशी में फाल्गुन मास के इस एकादशी पर रंग खेलने की परंपरा शुरू हो गई और इसे रंगभरी एकादशी के नाम से जाना जाने लगा।

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

एकादशी की पूजा अगर शुभ मुहूर्त में की जाए तो इसका लाभ और भी ज्यादा मिलता है। बता दें कि रंगभरी एकादशी की पूजा शुभ मुहूर्त सुबह 6:48 बजे से 11:08 बजे तक रहेगा। हिंदू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त की पूजा को सबसे ज्यादा फलदायी बताया जाता है क्योंकि इस दौरान एकांत रहता है और मन पूरी तरह से एकाग्र हो पाता है। अगर आप ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करना चाहते हैं तो इसका समय 5:09 बजे से लेकर 5:58 मिनट तक रहेगा। दोपहर में भी एक शुभ मुहूर्त होता है जिसे अभिजीत कहा जाता है। रंगभरी एकादशी के लिए अभिजीत मुहूर्त का समय दोपहर 12:11 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। पूजा के लिए ब्रह्म और अभिजीत मुहूर्त को ही सबसे सही माना जाता है। पारण आप अगले दिन यानी 28 फरवरी को कर सकते हैं।

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