शनि अभी उदय है, लेकिन साल 2026 के तीसरे महीने में होली बाद मार्च में शनि अस्त होंगे। शनि के अस्त होने से कई राशियों के लिए लाभ के योग और अच्छी खबर लाएंगे। आपको बता दें कि मीन राशि में 30 साल बाद शनि अस्त हो रहे हैं। दरअसल एक राशि में वापस आने में शनि 30 साल लेते हैं। एक राशि में शनि ढ़ाई साल रहते हैं। शनि महाराज को न्याय, अनुशासन और जिम्मेदारियों का कारक माना जाता है। शनि की चाल और शनि के नक्षत्र परिवर्तन से लेकर शनि की साढ़ेसाती आदि का लोगों पर बहुत अधिक प्रभाव होता है। शनि को लेकर कुछ लक्षण बताए गए हैं, जिनसे पता चलता है कि शनि आपकी कुंडली में मजबूत हैं या नहीं। इसके बारे में नीचे विस्तार में बताया गया है।
30 साल बाद शनि कब हो रहे हैं मीन राशि में अस्त
आपको बता दें कि साल 2026 में शनि मीन राशि में ही रहेंगे। लेकिन साल 2027 में शनि मेष राशि में जाएंगे। शनि के ढ़ाई साल मीन राशि में पूरे हो जाएंगे। आपको बता दें कि शनि का तारा 11 मार्च को अस्त होगा और 26 मार्च को शनि का तारा उदय हो जाएगा।
धनु राशि वालों के लिए शुभ ही शुभ
शनि के अस्त होने से धनु राशि के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। आपके लिए शुभ ही शुभ समय है। इस दौरान आपका बड़ा फैसला आपके लिए अच्छा साबित होगा और आपको लाभ देगा। कमाई भी जमकर होगी, लेकिन हमेशा सही रास्तों पर चलकर काम करें। परिवार के साथ भी पहले से अच्छी जमेगी।
कुंभ राशि वालों के लिए राहत
शनि का अस्त होना कुंभ राशि के लिए अच्छे परिणाम लेकर आएगा। आपके बिजनेस के काम इस समय बनेंगे, जो पहले से अटके हुए थे, इससे आप लाभ पाएंगे। इसके अलावा आर्थिक लाइफ में भी शनि इस दौरान आपको लाभ कराएंगे। कुंभ राशि के लोगों को इस समय मेहनत और अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं भागना चाहिए।
मीन को क्या मिलेगा
शनि मीन राशि में ही अस्त हो रहे हैं, इस प्रकार शनि के अस्त और उदय होने के बीच आपके लिए लाभ के योग और प्रोफेशनल लाइफ से अच्छी खबर आएगी। आपको लवलाइफ में पार्टनर का साथ मिलेगा। इनकम बढ़ने के संकेत हैं। पार्टनर शिप और लोगों की भलाई करने से ही लाभ होगा।
आप कैसे पता करेंगे कि शनि आपकी कुंडली में कमजोर हैं?
कुंडली में कमजोर शनि हैं या नहीं ये देखने के लिए आपको खास तौर कुंडली दिखानी चाहिए, लेकिन कुछ ऐसे लक्षण भी हैं, जिनसे पता चलता है कि आपका शनि कमजोर हैं-अगर आपको हर काम में विलंब, करियर से जुड़े चैलेंज सामने आते हैं, अनसेफ और हेल्थ संबंधी परेशानियां बनी रहती हैं, तो इसका मतलब है कि शनि कमजोर है। आयु, अच्छी बुरी सेहत, संघर्ष, तकनीकी क्षेत्र, नौकरी-कारोबार, सेवक वर्ग, लोहा और तेल आदि से शनि महाराज का संबंध है। कुंडली में कमजोर शनि से छुटकारा पाने के लिए शनि के उपाय जैसे छाया दान, शनि मंदिर में तेल का दीपक जलाना चाहिए।



















