ब्रेकिंग खबरें

धर्म एवं साहित्यज्योतिष

उज्जैन में आज से शिव नवरात्रि की शुरुआत, महाकाल का विशेष श्रृंगार और रुद्राभिषेक

महाशिवरात्रि का पर्व देशभर में बेहद धूमधाम और पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगा। लेकिन महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि मनाई जाती है, जो पूरे 9 दिनों तक चलता है और 10वें दिन महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इस शिव नवरात्रि की शुरुआत आज यानी 6 फरवरी से हो गयी है।

महाकाल का विवाह उत्सव
बता दें कि यहां शिव नवरात्रि को बाबा महाकाल के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान रोजाना बाबा महाकाल का दूल्हे के रूप में शृंगार किया जाता है। यह अनूठी परंपरा पूरे भारत में सिर्फ उज्जैन महाकाल मंदिर में ही मनाई जाती है। शिव नवरात्रि के दौरान नौ दिनों में मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा, शृंगार और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं।

बताते चलें कि शिव नवरात्रि के दिनों भगवान महाकाल को हल्दी, मेहंदी के साथ हर वैवाहिक रस्म निभाई जाती है। साल में एक दिन ऐसा होता है, जब बाबा की दोपहर में 12 बजे भस्म आरती की जाती है। इस दौरान भक्तों की काफी भीड़ होती है। सुरक्षा का कड़ा पहरा रहता है। चलिए जानते हैं कि इन 9 दिनों में किस दिन क्या होता है?

6 फरवरी 2026 को शिव-नवरात्रि पूजन प्रारंभ
आज यानी 6 फरवरी 2026 से शिव नवरात्रि शुरू हो चुकी है। इस दिन महाकाल का विशेष शृंगार होगा। इस दिन सुबह बाबा चंद्रमौलेश्वर जी के रूप में भक्तों को दर्शन देंगे। इस पूजा के बाद कोटेश्वर, रामेश्वर जी का पूजन किया जाएगा। पहले दिन भगवान का भांग, चंदन से शृंगार होगा। फिर रुद्राभिषेक और पाठ की शुरुआत होगी।

7 फरवरी 2026- शिव नवरात्रि के दूसरे दिन यानी 7 फरवरी को महाकाल को नए वस्त्र पहनाए जाएंगे और विशेष शृंगार होगा।

8 फरवरी 2026– शिव नवरात्रि के तीसरे दिन महाकाल का शेषनाग पर शृंगार होता है और एकादश-एकादशनी रुद्रापाठ होगा।

9 फरवरी 2026– शिव नवरात्रि का चौथे दिन महाकाल का घटाटोप शृंगार होता है और महाकाल को कटरा, मेखला, टुपट्टा, मुकुट, मुंडमाल, छत्र, माला और फूलों की माला पहनाई जाती है।

10 फरवरी 2026– 5वें दिन भगवान महाकाल का छबीना शृंगार होता है और भगवान पीले वस्त्र धारण कर मुकुट, मुण्ड माला और फलों की माला पहनाया जाता है।

11 फरवरी 2026– इस दिन महाकाल का होलकर शृंगार होता है।

12 फरवरी 2026– सातवें दिन महाकाल का मनमहेश शृंगार होगा।

13 फरवरी 2026– 8वें दिन बाबा महाकाल का उमा महेश शृंगार होगा।

14 फरवरी 2026– शिव नवरात्रि के नौवें दिन पर महाकाल शिव तांडव रूप में भक्तों को दर्शन देंगे।

15 फरवरी 2026– 10वें दिन महाशिवरात्रि पर सप्तधान का मुखौटा शृंगार होगा। फिर दोपहर में 12 बजे भगवान की भस्म आरती की जाएगी।

4 प्रहर की पूजा
शिव नवरात्रि के दौरान 4 प्रहर की पूजा होती है। पहला प्रहर शाम 06:19 बजे से होगा। जिसे प्रदोष काल कहा जाता है। इस प्रहर में भगवान शिव का षोडशोपचार पूजन होता है। इसमें गन्ने से रस से बाबा महाकाल का अभिषेक होता है। दूसरा प्रहर 09:40 पर होता है, जिसमें दही से अभिषेक किया जाता है। तीसरा प्रहर देर रात 12:41 बजे से जिसमें भगवान का दूध से अभिषेक किया जाता है। चौथा प्रहर ब्रह्म मुहूर्त का होता है, जिसमें भगवान का विधि विधान के साथ पूजन होता है।

What's your reaction?

Related Posts