Shubhanshu Shukla Raipur Visit: रायपुर. अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला मंगलवार को पहली बार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे. वे एक्सिओम-4 मिशन में पायलट की भूमिका निभा चुके हैं और उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित भी किया जा चुका है.
आज वे नवा रायपुर के राखी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘अंतरिक्ष संगवारी’ कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे. इस कार्यक्रम का मकसद बच्चों को अंतरिक्ष और विज्ञान के बारे में जानकारी देना है.
शुभांशु शुक्ला ने कहा कि मिशन के बाद यह उनका पहला छत्तीसगढ़ दौरा है. उन्होंने बताया कि बच्चों को विज्ञान की तरफ प्रेरित करना बहुत जरूरी है. इससे बच्चों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और देश को भी फायदा होगा.

मध्यभारत में स्पेस एजुकेशन की कमी
शुभांशु ने कहा कि मध्यभारत में अंतरिक्ष शिक्षा की काफी कमी है. बच्चों को सही जानकारी नहीं मिल पाती.
अगर बच्चों को शुरू से पता होगा कि स्पेस साइंस क्या है और इसमें करियर कैसे बनाया जा सकता है, तो वे बेहतर फैसला ले पाएंगे. उन्हें यह समझना जरूरी है कि आगे बढ़ने के लिए क्या पढ़ाई करनी चाहिए.
अंतरिक्ष बजट बढ़ने से मिलेगी ताकत
उन्होंने केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि बजट में अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ज्यादा पैसा दिया गया है. इससे मिशन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
उनका कहना है कि जब सरकार साथ देती है, तो वैज्ञानिक और टीम और ज्यादा मेहनत से काम करते हैं.
कौन हैं शुभांशु शुक्ला
शुभांशु शुक्ला उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं. 12वीं के बाद उन्होंने NDA की परीक्षा पास की और वहीं से पढ़ाई पूरी की. साल 2006 में वे भारतीय वायुसेना में शामिल हुए. साल 2019 में उन्हें गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री चुना गया.
एक्सिओम-4 मिशन में उन्होंने मुश्किल हालात में भी शानदार काम किया. इसी बहादुरी के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस पर अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. साल 2027 में लॉन्च होने वाले गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार पायलट्स में उनका नाम भी शामिल है.



















