Sukhoi Superjet SJ-100: भारत और रूस अब मिलकर यात्री विमान बनाने की तैयारी में हैं. सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन के बीच बड़ा समझौता हुआ है. इस समझौते के तहत भारत में सुखोई सुपरजेट-100 यानी SJ-100 विमान बनाया जाएगा.
Wings India 2026 में दिखा रूसी विमान
भारत के सबसे बड़े सिविल एविएशन शो Wings India 2026 में इस बार रूस का SBJ-100 खास आकर्षण रहा. यह सुखोई सुपरजेट परिवार का बिजनेस और VIP मॉडल है. पहली बार यह विमान इतने बड़े मंच पर भारत में दिखा है.

VIP और बिजनेस यात्राओं के लिए बना SBJ-100
SBJ-100 को खास तौर पर VIP, कॉर्पोरेट और सरकारी यात्राओं के लिए तैयार किया गया है. इसे आम यात्री विमान नहीं, बल्कि उड़ता हुआ ऑफिस कहा जा सकता है. इसमें मीटिंग करने और आराम करने की पूरी सुविधा होती है.
SBJ-100 की खास बातें
- इस विमान में 15 से 19 लोग आराम से यात्रा कर सकते हैं.
- केबिन काफी बड़ा है और अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ है.
- इसमें VIP लाउंज, मीटिंग एरिया, आराम करने की जगह और खास वॉशरूम हैं.
- यह लंबी दूरी की उड़ानों के लिए भी ठीक है.
- इसमें आधुनिक तकनीक और तेज उड़ान की सुविधा है.
भारत के लिए क्यों जरूरी है यह विमान
भारत में बिजनेस ट्रैवल, सरकारी दौरे और चार्टर फ्लाइट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में SBJ-100 एक अच्छा विकल्प बन सकता है. यह बड़े बिजनेस जेट से सस्ता है और छोटे जेट से ज्यादा आरामदायक है.
HAL के साथ आगे बढ़ सकता है सहयोग
Wings India 2026 के दौरान HAL और रूसी कंपनी के बीच आगे सहयोग को लेकर बातचीत हुई है. इसमें विमान की मरम्मत, तकनीकी सपोर्ट और भविष्य में साथ मिलकर काम करने जैसे मुद्दे शामिल हैं. अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत को अहम माना जा रहा है.
रूस भारत को लंबे समय का साथी मान रहा है
SBJ-100 की मौजूदगी बताती है कि रूस भारत को सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि लंबे समय का पार्टनर मान रहा है. भारत के लिए भी यह मौका है कि वह बिजनेस एविएशन में खुद मजबूत बने.
SJ-100 ने भी खींचा सबका ध्यान
रूस का सुखोई SJ-100 एक आधुनिक रीजनल जेट है. इसे 70 से 100 यात्रियों के लिए बनाया गया है. यह छोटे और मध्यम दूरी के रूट्स पर उड़ान के लिए ठीक माना जाता है.
भारत में बन सकते हैं SJ-100 विमान
अगले डेढ़ साल में करीब 10 SJ-100 विमान भारत लाए जा सकते हैं. HAL का लक्ष्य है कि अगले तीन साल में भारत में ही इन विमानों का उत्पादन शुरू किया जाए. माना जा रहा है कि भारत को इस श्रेणी में 200 से ज्यादा विमानों की जरूरत है.
तकनीक और इंजन भी आधुनिक
SJ-100 में नया रूसी PD-8 इंजन लगा है. इसमें ग्लास कॉकपिट, बेहतर ईंधन बचत और नई तकनीक दी गई है. यह विमान पहले से रूस की कई एयरलाइंस में उड़ान भर रहा है.
भारत को क्या फायदा होगा
भारत में 70 से 100 सीट वाले विमानों के विकल्प कम हैं. SJ-100 इस कमी को पूरा कर सकता है. इससे UDAN योजना को मजबूती मिलेगी. टियर-2 और टियर-3 शहरों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होगी. एयरलाइंस को नया और किफायती विकल्प मिलेगा.
मेक इन इंडिया को मिलेगी ताकत
यह डील मेक इन इंडिया और सिविल एविएशन सेक्टर के लिए बड़ी मानी जा रही है. सरकार और विमानन उद्योग दोनों के लिए यह एक अहम कदम हो सकता है. आने वाले समय में साफ होगा कि SJ-100 सिर्फ शो में दिखेगा या सच में भारत के आसमान में उड़ान भरेगा.



















