Surguja Government School: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां एक सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने का काम स्कूल का स्वीपर करता दिखा. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है.
बताया जा रहा है कि जिस समय यह वीडियो बना, उस वक्त स्कूल में कोई शिक्षक मौजूद नहीं था. शिक्षक बच्चों के लिए मिलने वाला सरकारी चना लेने संकुल केंद्र गए हुए थे. स्कूल में सिर्फ स्वीपर था, इसलिए बच्चों को संभालने और पढ़ाने की जिम्मेदारी उसी को दे दी गई.
कागजों में शिक्षक, हकीकत में स्वीपर
यह मामला लखनपुर विकासखंड के जमझोर गांव के प्राथमिक स्कूल का है. स्कूल में एक हेड मास्टर और एक शिक्षक की पोस्टिंग बताई जाती है. इसके बावजूद बच्चों को पढ़ाने का काम स्वीपर कर रहा था. ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ है, पहले भी ऐसी स्थिति बन चुकी है.

बच्चों के चने के लिए शिक्षक दौड़ रहे हैं
इस पूरे मामले में एक और बड़ा सवाल उठ रहा है. बच्चों के मध्यान्ह भोजन के लिए आने वाला चना सीधे स्कूल क्यों नहीं पहुंचता? जब इसके लिए सप्लायर तय हैं, तो शिक्षक खुद चना लेने क्यों जा रहे हैं?
जानकारी के मुताबिक चना बाजार भाव से करीब दोगुने दाम पर खरीदा जा रहा है. फिर भी हर महीने शिक्षक संकुल केंद्र या शिक्षा विभाग के दफ्तर जाकर चना लेते हैं, उसे खुद ढोकर स्कूल लाते हैं और फिर बच्चों में बांटते हैं. इसी वजह से कई बार स्कूल में शिक्षक मौजूद नहीं रहते.
जांच की बात कही गई
इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा का कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी. अब मामला सामने आया है, तो इसकी जांच कराई जाएगी.
यह घटना सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और जिम्मेदारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है. बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के साथ ऐसा समझौता कब तक होता रहेगा, यही सबसे बड़ा सवाल है.



















