रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब शासन-प्रशासन के अधिकारी भी उनके निशाने से सुरक्षित नहीं हैं। हाल ही में रायपुर के तहसीलदार राममूर्ति दीवान का व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगों ने न केवल उनके अकाउंट पर कब्जा किया, बल्कि उनके संपर्कों का फायदा उठाकर पैसों की मांग भी शुरू कर दी।
2 हजार देना, काम है
मामले की शुरुआत तब हुई जब तहसीलदार राममूर्ति दीवान के व्हाट्सएप नंबर से उनके मोबाइल में सेव तमाम नंबरों और विभिन्न ग्रुप्स में संदेश जाने लगे। मैसेज की भाषा बेहद सामान्य और भरोसेमंद रखी गई थी कि 2 हजार रुपये भेजना, काम है, 1 घंटे में रिटर्न करता हूं। चूंकि मैसेज एक जिम्मेदार अधिकारी के नंबर से आ रहा था, इसलिए कई लोग इसे सच मान बैठे। जैसे ही संदेश प्रसारित हुए, तहसीलदार के पास फोन कॉल्स की बाढ़ आ गई। लोग उनसे पैसों की जरूरत और मैसेज की सच्चाई जानने के लिए फोन करने लगे। तब जाकर दीवान को अहसास हुआ कि वे एक सोची-समझी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं।
ठगों की चालाकी और बारकोड का सुराग
जांच में यह बात सामने आई कि साइबर ठगों ने तहसीलदार के व्हाट्सएप का एक्सेस हासिल कर लिया था। ठगों ने जो पैसे मंगाने के लिए QR कोड (बारकोड) भेजा था, वह ‘चंद्रकांत एंड कंपनी’ के नाम से रजिस्टर्ड बैंक खाते से जुड़ा हुआ था। यह अक्सर देखा गया है कि साइबर अपराधी फर्जी या किराये के बैंक खातों का उपयोग करते हैं ताकि पुलिस उन तक आसानी से न पहुंच सके।
सतर्कता और त्वरित कार्रवाई
- पुलिस शिकायत: मामले की आधिकारिक रिपोर्ट पुलिस के साइबर सेल में दर्ज कराई गई।
- अकाउंट रिकवरी: तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से व्हाट्सएप को अनइंस्टॉल कर दोबारा सुरक्षित तरीके से इंस्टॉल किया गया।
- सार्वजनिक चेतावनी: तहसीलदार ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस के माध्यम से सभी को सूचित किया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था और कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का लेनदेन न करें।
आपके साथ यदि ऐसा हो तो क्या करना चाहिए ?
यह घटना आम जनता के लिए एक चेतावनी है कि डिजिटल युग में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। साइबर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
- अपने व्हाट्सएप में Two-Step Verification हमेशा ऑन रखें।
- किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, भले ही वह परिचित के नंबर से आया हो।
- पैसे मांगने वाले संदेश आने पर संबंधित व्यक्ति को फोन कर पुष्टि जरूर करें।



















