रायपुर। प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की खपत लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, लेकिन फिलहाल सप्लाई को लेकर किसी बड़े संकट के संकेत नहीं हैं। राजधानी रायपुर में पाइपलाइन के जरिए नियमित आपूर्ति होने से ईंधन की उपलब्धता सुचारू बनी हुई है।
रायपुर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सचिव अभय भंसाली के मुताबिक, राजधानी में रोजाना पेट्रोल की खपत करीब 5 लाख लीटर और डीजल की खपत लगभग 9 लाख लीटर तक पहुंच रही है। वहीं पूरे छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन पेट्रोल की खपत करीब 15 लाख लीटर और डीजल की खपत लगभग 40 लाख लीटर आंकी गई है।
उन्होंने बताया कि रायपुर से लगे लखौली क्षेत्र में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति मुख्य रूप से पारादीप से पाइपलाइन के जरिए होती है, जिससे सप्लाई बाधित होने की संभावना काफी कम हो जाती है।
कीमत स्थिर रहना ही राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ने के बावजूद देश में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। भंसाली के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा दी गई हालिया छूट का सीधा फायदा उपभोक्ताओं को कीमतों में कमी के रूप में नहीं मिलेगा। यह एक आंतरिक समायोजन है, जिसका उद्देश्य तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव को कम करना और कीमतों को स्थिर बनाए रखना है।
डिपो और रिजर्व स्टॉक से सुरक्षा
रायपुर और बिलासपुर में प्रमुख ऑयल कंपनियों के डिपो मौजूद हैं, जहां पर्याप्त मात्रा में ईंधन का भंडारण किया जाता है। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार देश में लगभग 60 दिनों का रिजर्व स्टॉक बनाए रखने की व्यवस्था रहती है, जिससे अचानक किसी संकट की स्थिति में आपूर्ति प्रभावित नहीं होती।
ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की ज्यादा मांग
ग्रामीण इलाकों में डीजल की खपत पेट्रोल की तुलना में अधिक है। खेती-किसानी, ट्रैक्टर और सिंचाई के उपकरणों के लिए डीजल पर निर्भरता अधिक होने के कारण इसकी मांग लगातार बनी रहती है।
इलेक्ट्रिक वाहनों का असर सीमित
बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की मौजूदगी बढ़ने के बावजूद इनकी हिस्सेदारी अभी सीमित है। बैटरी की ऊंची लागत और रिसेल वैल्यू को लेकर आशंकाओं के कारण उपभोक्ता अभी भी पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
तकनीकी निगरानी से मिलावट पर रोक
पेट्रोल पंपों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक और पासवर्ड आधारित मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें छेड़छाड़ की संभावना बेहद कम होती है। किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में मशीन तुरंत संकेत देती है, जिससे उपभोक्ताओं को शुद्ध ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।



















