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कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’? हत्या के बाद मथुरा में बवाल, हाईवे जाम

मथुरा में ब्रज क्षेत्र के विख्यात गौ रक्षक संत चंद्रशेखर ‘फरसा वाले बाबा’ की शनिवार तड़के हत्या से हड़कप मच गया। घटना कोटवन चौकी क्षेत्र के गांव नवीपुर के पास हुई। जानकारी के अनुसार, बाबा को तड़के करीब 4 बजे गौ तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद वे एक कंटेनर को रोकने के लिए मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इसी दौरान तेज रफ्तार कंटेनर ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

हत्या के विरोध में दिल्ली-आगरा हाईवे जाम

पुलिस ने घटनास्थल से एक युवक को हिरासत में लिया है, जबकि इस मामले में शामिल तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में बड़ी संख्या में गौ रक्षक और श्रद्धालु एकत्र हो गए। बाबा के समर्थकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर हालात को काबू में करने की कोशिश की गई।

एडीएम की गाड़ी पर पथराव

पुलिस और प्रशासन ने काफी देर तक लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ मानने को तैयार नहीं हुई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर बुलेट चलाईं। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग इधर-उधर भागते नजर आए। आक्रोशित भीड़ ने एडीएम प्रशासन की गाड़ी को भी निशाना बनाया और उसमें तोड़फोड़ कर दी। हालात को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस दौरान झड़प में करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी और लोग घायल हुए हैं।

कौन हैं फरसा वाले बाबा?

मथुरा के ‘फरसा वाले बाबा’ का नाम चंद्रशेखर था, जो ब्रज क्षेत्र में एक प्रसिद्ध और निडर गौ रक्षक थे। वे हमेशा हाथ में फरसा लेकर गौ-वंश की रक्षा करते थे। गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे। और वे प्रखर गौरक्षक और संत के रूप में जाने जाते थे। मथुरा के अंजनोक में वे प्रवास करते थे। वे निडर होकर गौ रक्षा में लगे रहते थे और ब्रज में उनकी काफी लोकप्रियता थी।

घटना के बाद इलाके में तनाव

बाबा का पार्थिव शरीर कोसी से अंजनौख स्थित गौशाला ले जाया जा रहा है, जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने वहां भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। फिलहाल घटना के बाद से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

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