रसोई गैस की बढ़ती कीमतें और डिमांड हर किसी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि थोड़ी सी समझदारी से आप अपने गैस सिलेंडर को दोगुने समय तक चला सकते हैं? फूड ब्लॉगर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट नंदिता अय्यर नंदिता अय्यर ने रसोई में गैस बचाने के कुछ वैज्ञानिक और सटीक तरीके शेयर किए हैं, जिनसे ईंधन की खपत को लगभग 50% तक कम किया जा सकता है।
प्रेशर कुकर का इस्तेमालः दाल और सख्त सब्जियां पकाने के लिए खुले बर्तन का इस्तेमाल करते हैं, तो गैस बहुत ज्यादा खर्च होती है। कुकर के अंदर का दबाव खाने को बहुत कम समय में गला देता है। है। कुकर का सही इस्तेमाल करने से खाना 30% से 70% जल्दी पकता है।
अनाज को पहले से भिगोनाः पकाने से पहले दाल, राजमा, छोले और चावल को पानी में भिगोना गैस बचाने का सबसे आसान तरीका है। भिगोने से दाने नरम हो जाते हैं और वे आंच पर जाते ही जल्दी गलने लगते हैं। जैसे राजमा को रात भर भिगोने से वह बहुत कम समय लेता है। भीगे हुए अनाज को पकाने में 30% से 50% कम ईंधन लगता है।
बर्नर और बर्तन का तालमेलः अक्सर हम छोटे बर्तन के लिए भी बड़ा बर्नर जला देते हैं, जिससे आंच बर्तन के किनारों से बाहर निकलकर बर्बाद होती है। याद रखें कि अगर बर्तन छोटा है, तो बर्नर भी छोटा ही इस्तेमाल करें। गैस की लौ हमेशा बर्तन के तल के दायरे में ही रहनी चाहिए।
ढक्कन लगाकर पकानाः खुले बर्तन में खाना पकाना गैस की सबसे बड़ी बर्बादी है क्योंकि इसमें भाप के साथ गर्मी बाहर निकल जाती है। हमेशा कड़ाही या पतीले पर ढक्कन लगाकर ही खाना पकाएं। इस छोटे से बदलाव से आप लगभग 20% से 25% तक ईंधन बचा सकते हैं।
सब्जियो की छोटी कटिंगः सब्जियां जितनी छोटी और एक समान आकार की कटी होंगी, वे उतनी ही जल्दी पकेंगी। छोटे टुकड़ों का सरफेस एरिया बढ़ जाता है, जिससे गर्मी उनके अंदर तक तेजी से पहुंचती है।
मल्टी-लेवल कुकिंगः अगर आपके पास लेयर वाला प्रेशर कुकर कर है, है, तो एक साथ कई चीजें पकाने की आदत डालें। नीचे के हिस्से में दाल रखें और ऊपर के डिब्बे में चावल या उबलने वाली सब्जियां रख दें। एक ही बार गैस जलाकर तीन तरह का खाना तैयार हो जाता है।
बर्नर की नियमित सफाई: गैस बर्नर के छेदों में अक्सर गंदगी या तेल जमा हो जाता है, जिससे आंच सही से नहीं निकलती। अगर आपके गैस की लौ पीली या नारंगी दिख रही है, तो इसका मतलब है कि गैस पूरी तरह जल नहीं रही और बर्बाद हो रही है।
बची हुई गर्मी का उपयोगः खाना पूरी तरह पकने से 2-3 मिनट पहले ही गैस बंद कर दें। मोटे तले के बर्तनों में इतनी गर्मी जमा हो जाती है कि वह बंद होने के बाद भी खाने को पकाती रहती है। जैसे चावल या पास्ता उबालते समय जब 90% पक जाएं, तो आंच बंद करके उन्हें ढक्कन लगाकर छोड़ दें।
भारी और चपटे तल वाले बर्तनः हमेशा भारी तले वाले बर्तनों का इस्तेमाल करें क्योंकि वे गर्मी को समान रूप से फैलाते हैं और लंबे समय तक गर्म रहते हैं। चपटे तले वाले बर्तन बर्नर की आंच को पूरी तरह सोख लेते हैं, जबकि गोल या टेढ़े-मेढे तले वाले बर्तन गर्मी को बर्बाद करते हैं।
इलेक्ट्रिक गैजेट्सः पानी उबालने के लिए गैस के बजाय इलेक्ट्रिक केतली का इस्तेमाल करें, यह ज्यादा किफायती है। साथ ही, एक ही बार में दो या तीन वक्त की दाल, चावल या छोले उबाल लें।




















