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मैं कार्यकर्ता, नितिन नवीन मेरे बॉस : मोदी

नितिन की ताजपोशीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष की ताजपोशी के साथ पूरे संगठन को साफ कर दिया कि नितिन नवीन ही संगठन में उनके (मोदी) समेत सबके बॉस हैं। मोदी ने अपने संबोधन में अध्यक्ष को हर बार ‘माननीय’ के संबोधन से नवीन से उम्र में बड़े नेताओं को संगठन की सीख भी दी।

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष की ताजपोशी के साथ पूरे संगठन को साफ कर दिया है कि नितिन नवीन ही संगठन में उनके (मोदी) समेत सबके बॉस हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अध्यक्ष को हर बार ‘माननीय’ के संबोधन से नवीन से उम्र में बड़े तमाम नेताओं को संगठन की सीख भी दी।

मोदी ने साफ किया कि भाजपा ऐसी परंपरा है, जो पद से नहीं, प्रक्रिया से चलती है। यहां पद संभालना एक व्यवस्था है और काम करना जीवनभर की जिम्मेदारी। उन्होंने कहा भाजपा में अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है, लेकिन दिशा नहीं बदलती। भाजपा मुख्यालय में नए अध्यक्ष के निर्वाचन समारोह में प्रधानमंत्री ने नितिन नवीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर उन्हें बधाई दी और कहा कि पार्टी से संबंधित मामलों में यह युवा नेता उनका बॉस होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने 45 वर्षीय नवीन को युवा ऊर्जा और संगठन में व्यापक अनुभव वाला एक मिलेनियल बताया, जो पार्टी के लिए बहुत मददगार साबित होगा। प्रधानमंत्री ने पिछले 11 वर्षों में सरकार की उपलब्धियों को गिनाया, जिसे उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को अपने काम का लेखा-जोखा देने के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि वह भी एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में नए अध्यक्ष को अपने काम का हिसाब दे रहे थे। अपना हिसाब दे दिया है। अब वह मेरी सीआर (रिपोर्ट) लिखेंगे। मैं उनके मार्गदर्शन की प्रतीक्षा कर रहा हूं।

कांग्रेस पर निशाना साधा

मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे देश की सबसे पुरानी पार्टी द्वारा की गई गलतियों से सबक लें और उन्हें दोहराने से बचें। वर्ष 1984 में कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में 50 प्रतिशत से अधिक मतों के साथ 400 से ज्यादा सीटें जीती थीं। आज कांग्रेस 100 सीटों का आंकड़ा पार करने के लिए तरस रही है।

भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस की उन बुरी प्रवृत्तियों की पहचान करें, जिन्होंने पार्टी को आत्म-विनाश के कगार पर पहुंचा दिया। हमें खुद को इन बुरी आदतों से बचाना है। यह सुनिश्चित करना है कि हम इन बुरी प्रवृत्तियों को न अपनाएं। जहां-जहां हमने ऐसी प्रवृत्तियों से दूरी बनाए रखी है, वहां हम अजेय बनकर उभरे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपने विनाशकारी पतन की कभी समीक्षा नहीं की, क्योंकि उसे डर था कि इससे उस परिवार पर सवाल उठेंगे, जिसने पार्टी पर कब्जा कर रखा है। इसी वजह से वे बहाने ढूंढते रहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के बाद भी अपने प्रदर्शन की निष्पक्ष समीक्षा करती है और जहां नुकसान होता है, वहां सुधार की कोशिश करती है। उन्होंने महाराष्ट्र में हाल ही में हुए निकाय चुनावों में पार्टी की जीत का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी अपनी उपलब्धियों पर आराम से नहीं बैठी है बल्कि अगले चुनावों की तैयारी में जुट गई है।

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