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रायपुर के डॉक्टरों ने 10.30 किलो का ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला, मरीज को मिली नई जिंदगी

रायपुर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 10.30 किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर नया इतिहास रच दिया है। यह जटिल और जोखिमपूर्ण सर्जरी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. संतोष सोनकर और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई।

अम्बेडकर अस्पताल में ऐतिहासिक सर्जरी

15 वर्षों से झेल रहा था दर्द

मरीज पिछले करीब 15 वर्षों से पीठ पर बढ़ते हुए इस ट्यूमर के कारण गंभीर शारीरिक और मानसिक पीड़ा से जूझ रहा था। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि उसे चलने-फिरने, बैठने और सोने जैसे सामान्य कार्यों में भी भारी परेशानी होती थी। इस सर्जरी के बाद मरीज को न केवल शारीरिक राहत मिली, बल्कि उसे नई जिंदगी और आत्मविश्वास भी मिला है।

देश में दुर्लभ उपलब्धि

मेडिकल रिकॉर्ड्स के अनुसार भारत में अब तक लगभग 8 किलोग्राम तक के ट्यूमर निकालने के मामले सामने आए हैं, जबकि विश्व स्तर पर यह आंकड़ा करीब 22 किलोग्राम तक है। ऐसे में 10.30 किलोग्राम ट्यूमर का सफल निष्कासन देश के संदर्भ में एक बड़ी और दुर्लभ उपलब्धि माना जा रहा है।

टीमवर्क और सटीक योजना से मिली सफलता

इस जटिल ऑपरेशन से पहले मरीज की विस्तृत जांच, प्री-ऑपरेटिव तैयारी और बहु-विभागीय समन्वय किया गया। सर्जरी टीम में वरिष्ठ सर्जन डॉ. राजेंद्र रात्रे, डॉ. मयंक भूषण मिश्रा और सीनियर रेजिडेंट डॉ. प्रेक्षा जैन की अहम भूमिका रही।

एनेस्थीसिया टीम की अहम भूमिका

इस ऑपरेशन की सफलता में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों डॉ. जया लालवानी और डॉ. प्रतिभा जैन शाह का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिन्होंने ऑपरेशन के दौरान मरीज की शारीरिक स्थिति को स्थिर बनाए रखा।

ऑपरेशन के बाद स्वस्थ होकर घर लौटा मरीज

सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति लगातार संतोषजनक रही। चिकित्सकों की निगरानी और बेहतर देखभाल के चलते वह पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गया।

छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण

डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सा तंत्र की क्षमता, विशेषज्ञता और समर्पण का प्रमाण है।

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