छत्तीसगढ़ में निलंबित IAS अधिकारी समीर विश्नोई से जुड़े मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ACB/EOW ने समीर विश्नोई और उनकी पत्नी प्रीति विश्नोई के नाम पर दर्ज लगभग 15 से 20 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्तियों को अटैच कर लिया है. जांच में सामने आया कि इन संपत्तियों को अवैध कमाई के जरिए खरीदा गया था और इसके लिए पत्नी के नाम से 3 से 4 फर्म भी बनाई गई थीं.
कई संपत्तियां की गईं जब्त
एजेंसी ने महासमुंद में करीब 22 एकड़ जमीन, नया रायपुर की कीमती जमीन और गायत्री नगर स्थित मकान सहित कई संपत्तियों को जब्त किया है. इसके अलावा रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर किए गए निवेश से खरीदी गई संपत्तियां भी कार्रवाई के दायरे में आई हैं.
कोर्ट से मिली कार्रवाई की मंजूरी
ACB/EOW की विशेष अदालत ने इस कार्रवाई को मंजूरी दी है. अधिकारियों के अनुसार, आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित की गई थी.
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
इससे पहले भी इसी तरह की कार्रवाई में निलंबित अधिकारियों रानू साहू और सौम्या चौरसिया की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुए चर्चित कोयला घोटाले में सिस्टम में बदलाव कर इस पूरे नेटवर्क को अंजाम दिया गया था, जिसमें समीर विश्नोई की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है.
कोर्ट के आदेश के बाद हुई जब्ती
हाल ही में ACB/EOW ने सभी संपत्तियों का पूरा ब्योरा विशेष न्यायाधीश के सामने प्रस्तुत किया था, जिसके बाद कोर्ट से अनुमति मिलने पर करोड़ों की इन संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई पूरी की गई.



















