गुरुग्राम। सेक्टर-१ए थाना पुलिस ने सीबीएसई की फर्जी मान्यता दिखाकर स्कूल चलाने वाले स्कूल के प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया है। इससे पहले पुलिस ने गत 7 मार्च को स्कूल के चेयरमैन को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस संबंध में 18 फरवरी को एक स्टूडेंट के पिता शिकायत के आधार पर चेयरमैन व प्रिंसिपल समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया था। शिकायत में स्कूल के प्रबंधकों द्वारा सीबीएसई की फर्जी मान्यता दिखाकर धोखाधड़ी करने व छात्राओं के भविष्य दांव पर लगाने का आरोप लगाया गया था। सेक्टर-१ए थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 318(4), 316 (2) व 3 (5) के तहत केस दर्ज किया था।
एक अभिभावक ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी बेटी एजुक्रिस्ट इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर-9बी में कक्षा दसवीं की छात्रा है, जिसके साथ स्कूल प्रबंधन द्वारा गंभीर धोखाधड़ी की है। शिकायत में आरोप है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा एडमिशन के समय यह दावा किया गया कि स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है और वैध मान्यता प्रमाण-पत्र एवं संबद्धता नंबर प्रदर्शित किया गया। उनकी बेटी से ट्यूशन फीस, बिल्डिंग फंड, परीक्षा शुल्क, कंप्यूटर शुल्क आदि विभिन्न मदों में नियमित रूप से फीस ली थी। लेकिन स्टूडेंट को सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड नहीं दिया गया। स्टूडेंट के पेरेंट्स ने बाद में जांच करने पर पाया कि स्कूल सीबीएसई से न तो स्कूल संबद्ध है और न ही मान्यता प्राप्त है और जो रजिस्ट्रेशन नंबर बताया गया वह भी गलत है। स्कूल प्रबंधकों की धोखाधड़ी से स्टूडेंट का एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो गया और उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। इस संबंध में पुलिस ने स्कूल के चेयरमैन विनय कटारिया, प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया, वाइस प्रिंसिपल सिमर बत्रा, कॉर्डिनेटर सोनिया समेत अन्य स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।



















