जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम समेत अन्य विधेयकों पर विपक्ष के रवैये को लेकर तीखा हमला बोला। भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को हुई प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर विपक्ष ने महिलाओं का अपमान किया। महिलाएं इस अपमान को भूलने वाली नहीं हैं। आने वाले समय में माता-बहनें इसका जवाब देंगी।
सीएम ने कहा कि विपक्ष ने ओछी राजनीति के चलते देश की करोड़ों माताओं-बहनों के अरमानों पर पानी फेर दिया। विपक्ष की राजनीति के कारण देश की करोड़ों महिलाओं को उनका अधिकार मिलने से वंचित रहना पड़ा। यह परिवारवाद वाली पार्टियां हैं। इनके मन में कहीं ना कहीं भय था कि महिलाएं कहीं इनसे आगे नहीं निकल जाएं। इन्होंने विधेयक गिरने के बाद जिस तरह से जश्न मनाया, यह शर्मनाक पल था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने हमेशा महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। इन्होंने केवल महिला सशक्तिकरण का नारा लगाया, लेकिन वास्तव में जब आवश्यकता हुई तब उसमें रोड़े अटकाने का काम किया। सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्रहित के बजाय राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी। विपक्ष ने ओबीसी महिला, परिसीमन व दक्षिण भारत के नाम पर भ्रम फैलाया।

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला शक्ति को संसद और विधान सभाओं में प्रतिनिधित्व देने के लिए ये विधेयक लाए। लेकिन कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसे दलों ने इसका समर्थन न करके महिलाओं की आकांक्षाओं और अधिकारों के प्रति अपनी उदासीनता जगजाहिर कर दी। कांग्रेस ने अपने स्वार्थ की राजनीति से इसे एक काला पृष्ठ बना दिया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री मंत्री सावित्री ठाकुर ने भी विपक्ष के रवैये को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि संसद में बिल रुकने के बाद जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है। प्रेस वार्ता के दौरान डिप्टी सीएम दिया कुमारी, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ व सांसद मंजू शर्मा मौजूद रही।
भाजपा महिला मोर्चा करेगी आज विरोध-प्रदर्शनः
महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों के रवैया के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा सोमवार को जयपुर में विरोध प्रदर्शन करेगी। इसके बाद महिला मोर्चा की कार्यकर्ता प्रदेश में घर घर जाकर महिलाओं को जागरूक करेगी। राखी राठौड़ ने कांग्रेस द्वारा महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का समर्थन नहीं करने पर इसे लोकतंत्र की हत्या और कांग्रेस की महिला विरोधी सोच बताया।



















