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आग उगलती गर्मी से बाघ भी बेहाल, हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए दी जा रही “आइसक्रीम”

अप्रैल महीने में ही गर्मी का प्रकोप काफी बढ़ गया है। देशभर में तापमान लगातार बढ़ रहा है। हीटस्ट्रोक और लू से लोगों के बीमार होने की खबरें आ रही हैं। हिमालयी राज्य उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं। सिर्फ मैदानी ही नहीं इस बार पहाड़ी इलाकों में भी तपिश काफी बढ़ गई है। हालांकि मौसम विभाग ने मंगलवार से मौसम बिगड़ने की आशंका जताई है। आज और कल कुछ जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी है। गर्मी का प्रकोप सिर्फ इंसानों ही नहीं जानवरों पर भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में रेस्क्यू किए गए चार बाघों में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखे। ऐसे में वन विभाग ने बाघों को गर्मी से बचाने के लिए आइसक्रीम और ग्लूकोज खिलाना शुरू किया है।

बढ़ती गर्मी और हीट वेव वन्यजीवों के लिए भी खतरा बनती दिख रही है। उत्तराखंड में हाल में रेस्क्यू चार बीमार बाघों में हीट स्ट्रोक जैसे लक्षण मिले हैं। बाघों को गर्मी से बचाने के लिए उन्हें ग्लूकोज चढ़ाने के साथ स्पेशल आइसक्रीम खिलाई जा रही है।

चार बाघ कॉर्बेट नेशनल पार्क भेजे गए

जानकारी के अनुसार, तराई पश्चिमी वन प्रभाग में कुछ समय में एक बाघिन समेत चार घायल बाघों को रेस्क्यू किया गया था। इनके शरीरों पर चोटें थीं, लेकिन चौंकाने वाली बात ये थी कि इन सभी में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसे लक्षण पाए गए। यानी ये सभी पानी की कमी के साथ अत्यधिक गर्मी से बीमार हुए। इनमें से एक बाघ की मौत हो चुकी है जबकि बाघिन सहित अन्य तीन को कार्बेट के ढेला रेस्क्यू सेंटर में भेज दिया गया। इनमें बाघिन की हालत सबसे ज्यादा खराब है। हीटवेव से रिकवरी के लिए इन सभी को ग्लूकोज चढ़ाने के साथ विशेष तरह की आइसक्रीम खिलाई जा रही है।

आइसक्रीम में ओआरएस और दवाई

आइसक्रीम में इलेक्ट्रोलाइट, मिनिरल के साथ ही दवाएं भी मिलाई गई हैं। कॉर्बेट पार्क के निदेशक डॉ.साकेत बडोला के अनुसार, रेस्क्यू सेंटर में लाए गए बाघों में हीट स्ट्रोक जैसे लक्षण थे। हो सकता है कि आपसी संघर्ष में घायल होने से ये धूप में पड़े रहे हों या पानी तक ना पहुंच पाए हों। इससे उनकी बॉडी डिहाइड्रेट हो गई। उन्होंने बताया कि बाघ हालांकि काफी सर्दी-गर्मी झेल सकता है, पर लंबे समय तक हीट वेव झेलने और पानी ना मिलने से वे बीमार हो सकते हैं।

उनके अनुसार, मांसाहारी वन्यजीवों पर गर्मी का सर्वाधिक असर पड़ता है, क्योंकि उन्हें शारीरिक ऊर्जा बनाए रखने को लगातार पर्याप्त पानी और छायादार क्षेत्र की जरूरत होती है।

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