छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने से कई जिलों के पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की स्थिति बन गई है। इसके चलते लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है और बड़ी संख्या में वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, राज्य के कई शहरों और कस्बों में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई बाधित होने से पंपों पर स्टॉक तेजी से खत्म हो गया। कुछ पंपों ने ‘नो पेट्रोल’ और ‘नो डीजल’ के बोर्ड तक लगा दिए हैं। स्थिति को देखते हुए लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने पहुंच रहे हैं, जिससे दबाव और बढ़ गया है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई में देरी और मांग बढ़ने की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। वहीं प्रशासन और तेल कंपनियां हालात सामान्य करने के प्रयास में जुटी हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही अतिरिक्त आपूर्ति भेजकर समस्या दूर कर ली जाएगी।
ट्रोल-डीजल के लेकर लंबी लाइनें
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर बालोद, जगदलपुर, गुरुर और धमतरी समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. इन जगहों पर लोग जरूरत से ज्यादा ईधन भरवा रहे हैं. जिससे कई पंपो पर तेल का स्टॉक समय से पहले ही खत्म हो गया है. इससे जरुरतमंद लोगों तेल नहीं मिल पा रहा है और उन्हें समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
बलौद जिले में स्थिति ज्यादा गंभीर
छत्तीसगढ़ के बलौद जिले में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है. जिले के 76 पेट्रोल पंपों में से 10 पंपों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है. जिला मुख्यालय के संतोष पेट्रोल पंप और झलमला स्थित पंपों पर “डीजल नहीं है” के बोर्ड लगा दिए गए हैं. हालात यहां तक खराब हो गए है कि ट्रक और बस चालक ईधन के भटक रहे है और उन्हें ईधन नहीं मिल रहा है.
पंप संचालकों ने केन, डिब्बों और ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक लगा दी है. वहीं बस्तर संभाग के जगदलपुर में भी अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी. लोगों ने वाहनों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त ईंधन जमा करना शुरू कर दिया.



















