उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी है। चारधाम यात्रा पर एहतियातन दो दिन की रोक लगाई गई थी, लेकिन आज सुबह 6 बजे से यात्रा शुरू हो गई है। यात्रा शुरू होने के बीच केदारनाथ मार्ग भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। अधिकारियों ने मार्ग को फिर से खोलने के लिए बहाली कार्य शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने आज के लिए 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
केदारनाथ धाम रुद्रप्रयाग जिला में स्थित है। भारी बारिश के चलते प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ यात्रा रोक दी है। सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। इसलिए यहां आवाजाही संभव नही है।
केदारनाथ यात्रा रोकी
सुरक्षा के लिए सोनप्रयाग और गौरीकुंड में पुलिस, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ के जवान तैनात है। केदारनाथ से वापस आने वाले करीब 600 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। जबकि सोनप्रयाग में करीब 250 यात्रियों को रोका गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि आज यात्रा रोक दी गई है।
आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड के दस जिलों में गुरुवार को भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी, देहरादून, चमोली, पौड़ी, टिहरी और ऊधमसिंह नगर के लिए येलो अलर्ट है।
भारी बारिश से नदियां उफान पर
रुद्रप्रयाग जिले में लगातार भारी बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने उच्च चेतावनी जारी की है और अधिकारियों को अधिकतम सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है और सभी संबंधित विभागों को किसी भी संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
बदरीनाथ हाईवे खुला
उधर, चारधामों में प्रमुख बदरीनाथ धाम की यात्रा शुरू हो गई है। बुधवार देर रात राहत बचाव दल ने भूस्खलन से बाधित हाईवे को खोल दिया है। यहां लगातार बारिश से चमोली में नदियों के जल स्तर में वृद्धि हो रही है। पर सुकून की बात यह है कि नदियों का जल स्तर अभी खतरे के निशान से कम है।

















