प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को संबोधित करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर आगाह किया। लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद ने देश को प्रभावित किया, लेकिन अब यह अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षा बलों और सरकार के प्रयासों से जंगलों से नक्सलवाद का प्रभाव काफी हद तक खत्म हुआ है, लेकिन इसकी विचारधारा से जुड़ी मानसिकता अब भी मौजूद है। उन्होंने देशवासियों से ऐसी सोच और उससे जुड़े लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
दशकों तक देश को जकड़े रहा नक्सलवाद
प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद ने लंबे समय तक देश के विकास को प्रभावित किया। इसके कारण कई क्षेत्रों में हिंसा और अस्थिरता का माहौल रहा। उन्होंने कहा कि सरकार के लगातार प्रयासों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से अब नक्सलवाद कमजोर पड़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि जंगलों में नक्सलवाद का प्रभाव भले ही कम हो गया हो, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ अब भी सक्रिय हैं। ऐसे लोगों की सोच से देश को सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने देश की एकता, सुरक्षा और विकास को मजबूत करने के लिए नागरिकों से सतर्क रहने और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार देश के नाम अपने संबोधन में कहा, “21वीं सदी में दशकों पुरानी चुनौतियों को खत्म करना जरूरी है। नक्सलवाद-माओवाद ने लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया। अनेक माताओं के नौजवानों को छीन लिया। हर मां बाप के सपनों को चूर चूर कर दिया। नक्सलवाद ने 4 दशकों तक हिंदुस्तान के बहुत बड़े हिस्से को दबोच कर रखा था, बंदूक के नोक पर रखा था और संविधान की धज्जियां उड़ा दी थी। देश के लोगों की रक्षा में साढ़े 3 हजार से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा बल के जवाब शहीद हो गए…”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “2014 में हमने संकल्प लिया था कि हम देश को नक्सलवाद से मुक्त करेंगे। और आज मुझे खुशी है कि अब नक्सली, माओवाद हिंसा अपनी आखिरी सांसें लेने की स्थिति में भी नहीं है। जहां पर कभी नकलसवादियों की गोलियां चलती थी, धरती रक्तरंजित रहा करती थी, आज उन्हीं इलाकों में नक्सलमुक्त होने के कारण विकास, विश्वास और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा है।”
दिमागी नक्सल मौके की तलाश में- PM मोदी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे अर्बन नक्सल का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, “बरसों तक देश की सत्ता में माओवादी सोच के लोग गलियारों में अपनी जगह बना कर बैठे थे। सरकारी कमिटियों में सलाहकारों के रूप में भी ये माओवादी सोच ने नीतियों को प्रभावित किया था।… जंगलों में हमें हथियारी नक्सलों का खात्मा करने में सफलता मिली है। लेकिन हथियारी नक्सल तो गए, लेकिन ये दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। वो हिंसा अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं। समाज को गलत राह पर घसीटने के लिए भांति भांति के दांव कर रहे हैं। इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा। दिमागी नक्सलियों को अलग-थलग करना होगा और युवा पीढ़ी को राष्ट्र को विकसित बनाने में जोड़ना होगा। सुरक्षित देश बनाना हम सबका दायित्यव है। चुनौती देश के अंदर हो या फिर बाहर, भारत तैयार है।”
युवाओं के लिए फ्री कोचिंग की घोषणा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को बेहद अहम बताते हुए देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने की घोषणा की है। पीएम मोदी ने इस दौरान एक करोड़ युवाओं को AI का प्रशिक्षण देने की भी घोषणा की है।
पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के विषय को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए यह घोषणा की। देश में बढते महंगे कोचिंग व्यवसाय का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह मध्यम वर्ग के लिए यह एक बड़ा बोझ बन गया है। उन्होंने कहा कि इस बोझ को दूर करने के लिए सरकार देश भर में युवाओं के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क बनाएगी।


















