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ट्रंप की हार से भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1609 अंक उछला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हार की खबर के बीच भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। गुरुवार को कारोबार की शुरुआत होते ही सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। सेंसेक्स 1609 अंकों की छलांग लगाकर 78,911 के स्तर पर खुला। बाजार में आई इस तेजी से महज कुछ मिनटों में निवेशकों की संपत्ति में करीब 7 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया।

मारुति, एशियन पेंट्स और बजाज फाइनेंस में जोरदार तेजी

शेयर बाजार में तेजी का असर कई बड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दिया। मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स और बजाज फाइनेंस के शेयरों में 4 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, इंडिगो का शेयर 5.29 फीसदी की छलांग के साथ सेंसेक्स के टॉप गेनर में सबसे ऊपर रहा।

दूसरी ओर, एयरटेल को छोड़कर सेंसेक्स के सभी शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। बाजार में चौतरफा खरीदारी से निवेशकों का उत्साह बढ़ा।

बीएसई का मार्केट कैप 500 लाख करोड़ के पार

शेयर बाजार में आई इस तेजी का असर बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा। कंपनियों का मार्केट कैप 500 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को करीब 7 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ।

Stock Market Today : उधर अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति ट्रंप हार हुई तो इधर घरेलू शेयर बाजार झूम उठा। NSE का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 400 अंक से अधिक की छलांग लगाकर सीधे 24300 के पार खुला। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स भी 1609 अंकों की बंपर उछाल के साथ 78911 के लेवल से गुरुवार के कारोबार की शुरुआत की।

Stock Market Today: ट्रंप की हार के बाद आज भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी की उम्मीद है। कच्चे तेल की कीमतें दो महीने के निचले स्तर पर आ गई हैं। इसके अलावा अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत को ऐसे संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल की जंग जल्द खत्म हो सकती है। इससे बाजार का माहौल सुधरा है।

गिफ्ट निफ्टी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी

सुबह 8:01 बजे गिफ्ट निफ्टी 24,295.5 पर था, जो निफ्टी 50 के लिए ग्रीन ओपनिंग का संकेत दे रहा था। बुधवार को निफ्टी 23,960पर बंद हुआ था। बाद में गिफ्ट निफ्टी करीब 24,300 के स्तर पर 350 अंक यानी करीब 1.5 प्रतिशत ऊपर दिख रहा था। इससे घरेलू बाजार में बड़ी गैप-अप ओपनिंग की संभावना बन रही है।

बता दें बुधवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 72.84 अरब रुपये की खरीदारी की। यह लगातार चौथा सेशन था, जब विदेशी निवेशकों ने खरीदारी की है। इससे लगता है कि इस साल की भारी बिकवाली के बाद वे फिर भारत लौट रहे हैं।

आज सेंसेक्स-निफ्टी के लिए संकेत

कच्चे तेल में गिरावट : ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत गिरकर 93.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले सत्र में इसमें10 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी। तेल की कीमतें कम होने से भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और व्यापार घाटे का दबाव कम होता है। इससे बाजार की धारणा को सहारा मिलता है।

अमेरिकी चुनाव : अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों पर कब्जा कर लिया। इसके बाद बुधवार को अमेरिकी और यूरोपीय बाजार चढ़ गए। डेमोक्रेट्स की जीत को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ट्रंप प्रशासन की वैश्विक टैरिफ नीति और मध्य पूर्व में युद्ध की वजह से भी इस साल भारतीय बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा था।

घरेलू बाजार में रिकवरी के संकेत

घरेलू बाजार में अब रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स पिछले पांच सत्रों में 5.6 प्रतिशत चढ़ चुके हैं। करीब पांच महीनों में यह उनकी सबसे लंबी लगातार बढ़त है। इसमें विदेशी खरीदारी, तेल की कीमतों में नरमी और मजबूत नतीजों का सहारा मिला है।

एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और सीईओ हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा कि तेल कीमतों में पहले जो धीरे-धीरे गिरावट आ रही थी, अब उसकी रफ्तार बड़ी है। अगर यह गिरावट बनी रहती है, तो इससे भारत का निकट भविष्य का मैक्रो और कमाई का अनुमान सुधर सकता है।

अमेरिकी बाजारों में तेजी

अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट्स के दोनों सदनों में जीत के बाद वॉल स्ट्रीट तेज चढ़ा। डॉऊ जोन्स 3 प्रतिशत यानी 1,500 से ज्यादा अंक बढ़कर 53,000 के ऊपर बंद हुआ। यह 8 सितंबर के बाद पहली बार हुआ। यह पिछले साल 9 अप्रैल के बाद एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त रही। नस्डैक फ्यूचर्स 1.6 प्रतिशत चढ़े। चुनाव नतीजे साफ होने के बाद नस्डैक 650 से ज्यादा अंक गिरा था, लेकिन बाद में सारी गिरावट भरकर तेजी में बंद हुआ। एसएंडपी 500 1.5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा।

एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख

एशियाई बाजारों में गुरुवार को मिलाजुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में शुरुआती कारोबार में सेल-साइड सर्किट ब्रेकर लग गया। अमेरिकी चुनाव के बाद एआई डेटा सेंटर निर्माण पर नियमन की चिंता से कोस्पी 4 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 5,400 के नीचे आ गया। कोरिया एक्सचेंज के मुताबिक यह ब्रेकर कोरिया के समयानुसार 5 नवंबर सुबह 10:16 बजे लगा। जापान का निक्केई 225 शुरुआत में 0.5 प्रतिशत चढ़ा, लेकिन बाद में 1.24 प्रतिशत गिरकर 61,417 पर आ गया। ताइवान का ताइएक्स 1.81 प्रतिशत गिरकर 42,171 पर था।

बुधवार को बाजार कैसे बंद हुआ

बुधवार को भारतीय बाजार लगातार पांचवें सत्र में चढ़ा। भारी वजन वाले वित्तीय, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में खरीदारी हुई। विदेशी फंडों के आने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी माहौल मजबूत रहा। सेंसेक्स 383 अंक यानी 0.50 प्रतिशत बढ़कर 77,301 पर बंद हुआ। यह दो महीने से ज्यादा का सबसे ऊंचा क्लोजिंग स्तर है।

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