ब्रेकिंग खबरें

धर्म एवं साहित्यज्योतिष

फरवरी में ही लगने वाला है अनोखा सूर्य ग्रहण, चंद्रग्रहण और सूर्य ग्रहण दान से जुड़ी बाते जानें

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग रहा है। इसे वलायाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इसके अलावा पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चांद सूर्य के अधिकतर जगह को लवर कर लेता है। लेकिन वलयाकार में चांद थोड़ा दूर होता है और सूरज के अधिकतर भाग को कवर नहीं कर पाता , इससे एक रिंग ऑफ फायर की स्थिति बनती है, क्योंकि सूर्य के किनारे खुले रहते हैं और सूर्य का प्रकाश वहां से आता है।

सूर्य और चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें?

ज्योतिषिय नजरिएसे देखें तो सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव होता है, इसलिए ग्रहण से जुड़ा दान आपको इसे प्रभाव से बचाएगा। ग्रहण के समय दान का महत्व पुराणों में भी बताया गया है। अगर ग्रहण दिख भी ना रहा हो, फिर भी सूर्य और चंद्र ग्रहण का दान करना उत्तम माना जाता है। सूर्य ग्रहण के दिन पितरों के नाम से भी दान करना उत्तम है,इस दिन गेहूं, लाल रंग के कपड़े, अनाज, और तांबे का दान करना उत्तम रहता है।वहीं चंद्र ग्रहण के दिन सफेद चीजों, जैसे चीनी, दूध, दही, चावल, खीर, सफेद मिठाई आदि का दान किया जा सकता है। चंद्र ग्रहण के दिन चंद्रमा से जुड़ी चीजों का दान करना उत्तम है। आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण के समय नंगी आंखों से सूरज को न देखें, इस दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।

सूर्यग्रहण को कैसे बचाया ऋषि ने

ऐसा कहा जाता है कि ऋषि-मुनियों को सूर्य और चंद्र ग्रहण के बारे में बहुत पहले से ही पता था। महर्षि अत्रि ग्रहण के ज्ञान को पहले से दिया था। उन्होंने सूर्य ग्रहण के दौरान कहा था कि राहु ने आप पर आक्रमण कर अन्धकार से ढ़क दिया, उससे मनुष्य आपके रूप को पूर्ण रूप से देख नहीं पाए , तब अत्रि ने अर्जित ज्ञान राहु की छाया को दूर किया और सूर्य राहु की छाया से दूर हो पाए।

कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण

यह ग्रहण लगभग पूरी तरह से अंटार्कटिका में ही दिखेगा। दक्षिणी अफ्रीका के केप टाउन, डरबन, जिम्बाब्वे और तंजानिया शामिल में आंशिक ग्रहण दिखेगा। अर्जेंटीना और चिली के दक्षिणी छोरों पर भी ग्रहण आंशिक रूप से देखा जा सकेगा। मेडागास्कर और मॉरीशस के द्वीपों पर भी ग्रहण देखा जा सकेगा।

What's your reaction?

Related Posts