Ambikapur Mountain Mafia: अंबिकापुर में हालात ऐसे हो गए हैं कि माफिया अब खुलेआम पहाड़ों को काट रहे हैं. बड़ी-बड़ी जेसीबी मशीनें और भारी वाहन लगाकर पहाड़ को खत्म किया जा रहा है. शहर से लगे लूचकी घाट इलाके में जो पहाड़ कभी लोगों का स्वागत करता था, वह कुछ ही दिनों में लगभग गायब कर दिया गया. हैरानी की बात यह है कि स्थानीय लोग डर के कारण चुप हैं और खुलकर कुछ बोल नहीं पा रहे.
रायगढ़ रोड के पहाड़ भी खतरे में
अंबिकापुर-रायगढ़ रोड पर कई सुंदर और हरे-भरे पहाड़ हैं. पहले ये पहाड़ सफर करने वालों को अच्छा महसूस कराते थे, लेकिन अब यही पहाड़ माफिया के निशाने पर हैं. धीरे-धीरे इनकी हरियाली खत्म हो रही है. क्रांति प्रकाशपुर के पास लुचकी घाट का पहाड़ तो अब लगभग इतिहास बनता जा रहा है. लोगों का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़े ठेकेदारों की मिलीभगत से यह सब हो रहा है. इसी वजह से पहाड़ को बचाने की कोई ठोस कोशिश नजर नहीं आ रही.

गौठान भी नहीं छोड़ा गया
जांच में सामने आया है कि इस पहाड़ पर सरकार ने गौठान बनवाया था. इसे बनाने और सजाने में लाखों रुपये खर्च हुए थे. लेकिन माफिया ने पहले गौठान को उजाड़ा और फिर पहाड़ को काटने की योजना पर काम शुरू कर दिया. मशीनों से पहाड़ की मिट्टी, पत्थर और गिट्टी निकाली जा रही है.
कब्जे की मंशा साफ नजर आ रही
यह पूरा इलाका नेशनल हाईवे के पास है. यहां से रोज बड़े नेता और अधिकारी गुजरते हैं, फिर भी किसी की नजर इस तरफ नहीं पड़ रही. स्थानीय लोगों को बताया गया है कि यहां बाजार बनाया जाएगा. इसी उम्मीद में लोग चुप हैं. लेकिन असल में माफिया पहाड़ से निकलने वाली मिट्टी और पत्थर बेच रहे हैं और इस कीमती जमीन पर कब्जा करने की तैयारी में हैं.
सरकारी जमीन पर हो रहा खेल
पूरा पहाड़ राजस्व विभाग की जमीन है. पास में नेशनल हाईवे का बड़ा पुल भी बना है, जहां से लोग पहाड़ की सुंदरता देखते थे. अभी एक तरफ का पहाड़ बचा है, लेकिन खतरा उस पर भी बना हुआ है. यहां से निकली मिट्टी और पत्थर निजी और सरकारी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हो रहे हैं. इससे खनिज विभाग को भी भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि रॉयल्टी नहीं दी जा रही.
प्रशासन ने की कार्रवाई, आगे और एक्शन की उम्मीद
इस मामले में खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है. असिस्टेंट माइनिंग ऑफिसर नेहा टंडन ने बताया कि जेसीबी और हाइवा वाहन जब्त किए गए हैं. इन वाहनों को पुलिस लाइन में खड़ा किया गया है. पूरा मामला कलेक्टर के पास है और आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई हो सकती है.
अब देखना यह है कि प्रशासन की यह कार्रवाई पहाड़ों को बचा पाएगी या माफिया का दबदबा यूं ही चलता रहेगा.



















