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बड़ी राहत: बिजली कंपनी प्रबंधन ने दिए निकाले गए ऑपरेटरों की बहाली के निर्देश, बीमा और दोगुना वेतन पर भी बनी सहमति।

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी की नई टेंडर शर्तों (TR-09) ने प्रदेश भर के सब-स्टेशनों में कार्यरत ऑपरेटरों की चिंता बढ़ा दी है। नई व्यवस्था के तहत ऑपरेटरों की संख्या में कटौती और बढ़ते काम के बोझ के विरोध में आज भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध ठेका कर्मचारियों ने डंगनिया स्थित मुख्यालय का घेराव किया।

क्या है 3.5 की नई शर्त?

विद्युत ठेका कर्मचारी संघ के महामंत्री सोमन साहू के अनुसार, नए टेंडर में 3.5 सहायक ऑपरेटर की व्यवस्था की गई है। इसका मतलब है कि दो सब-स्टेशनों को मिलाकर केवल 7 ऑपरेटर रखे जा रहे हैं। इस गणित की वजह से हर स्टेशन से एक-एक अनुभवी ऑपरेटर को नौकरी से हाथ धोना पड़ रहा है। कई जिलों में छंटनी शुरू हो चुकी है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।

काम का बोझ बढ़ा, सुविधाएं घटीं

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन पर ‘प्रकाश ऐप’ के माध्यम से लाइव फोटो, लोकेशन और कॉल रिसीविंग जैसे कई डिजिटल काम थोप दिए गए हैं, लेकिन वेतन और सुविधाओं के नाम पर कटौती की जा रही है।

प्रतिनिधिमंडल की चर्चा और प्रबंधन का आश्वासन

भामसं के राष्ट्रीय मंत्री राधेश्याम जायसवाल और अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एमडी से मुलाकात की। चर्चा के बाद प्रबंधन ने निम्नलिखित बिंदुओं पर सकारात्मक रुख दिखाया है:

  • बहाली के निर्देश: प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से निकाले गए ऑपरेटरों को वापस काम पर लेने के निर्देश दिए।
  • बीमा लाभ: एफओसी कर्मचारियों के लिए जल्द ही ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी बनाई जाएगी।
  • वेतन विसंगति: राष्ट्रीय पर्व (15 अगस्त, 26 जनवरी) पर काम करने वालों को मध्यप्रदेश मॉडल के आधार पर दोगुना वेतन देने पर विचार किया जाएगा।
  • पदनाम: नए टेंडर में ‘सहायक ऑपरेटर’ की जगह पदनाम में सुधार की बात भी कही गई है।

मुख्य मांगें (Key Highlights):

  • टेंडर शर्त को 3.5 से बदलकर 3 + 1 किया जाए ताकि बेरोजगारी न बढ़े।
  • राष्ट्रीय पर्वों पर अनिवार्य रूप से दोगुना वेतन मिले।
  • सभी ऑपरेटरों को लीव वेजेस और 26 दिन का पूरा भुगतान हो।
  • एफओसी कर्मचारियों को समूह बीमा का लाभ मिले।

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