छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बलरामपुर में अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार अलर्ट मोड में आ गई है. अब हर जिले में इस मामले की जांच की जाएगी. डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देशित किया है. सभी जिलों में इस मामले में जांच की जाएगी. अफीम की खेती का प्रमाण पाया जाता है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
दुर्ग और बलरामपुर में अफीम की खेती के मामले
दुर्ग और बलरामपुर से अफीम की खेती के मामले सामने आ चुके हैं. जहां अवैध तरीके से इसे उगाया जा रहा था. इन दोनों ही मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है. अब राज्य सरकार हर जिले में इस मामले की जांच कराएगी. अवैध तरीके से अफीम की खेती में संलिप्त पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
दुर्ग से बीजेपी नेता गिरफ्तार
दरअसल, कुछ दिनों पहले दुर्ग से अवैध तरीके से अफीम की खेती का मामला सामने आया था. जहां मक्के के खेत में अफीम उगाई जा रही थी. लगभग 5 एकड़ जमीन पर इसे उत्पादित किया जा रहा था, जिसकी कीमत 8 करोड़ रुपये आंकी गई थी. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था. बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार का नाम सामने आने के बाद पार्टी संगठन ने उसे निष्कासित कर दिया था.
इसके बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी विनायक ताम्रकार के साथ उसके दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया था. वहीं, मंगलवार को निष्कासित बीजेपी नेता के भाई बृजेश की अवैध तरीके बनी दुकान को प्रशासन ने जमींदोज कर दिया.
बलरामपुर में 5 एकड़ में अफीम की खेती
बलरामपुर जिले के त्रिपुरी के सरनाटोली क्षेत्र में जंगल से सटे इलाके में अवैध तरीके से अफीम की खेती का मामला सामने आया है. ये मामला कुसमी थाना क्षेत्र का है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.



















