CG Coal Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में जांच ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. एसीबी-ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को रायपुर की विशेष अदालत में इस मामले का चौथा पूरक चालान पेश कर दिया. यह चालान आरोपी राकेश जैन के खिलाफ करीब 1200 पेज का है, जिसमें कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.
राकेश जैन इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी
जांच में सामने आया है कि अवैध कोल लेवी का पूरा खेल बेहद सुनियोजित तरीके से चल रहा था. ज्यादातर रकम नकद में वसूली जाती थी. लेकिन जिन लोगों के पास तुरंत कैश नहीं होता था, उनके लिए भी अलग इंतजाम था. आरोप है कि शेल कंपनियों और फर्जी फर्मों के जरिए पैसे को बैंक खातों में घुमाकर उसे वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी. एसीबी-ईओडब्ल्यू की जांच के मुताबिक राकेश जैन इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी था.
शेल कंपनियों में राशि घुमायी गई
राकेश जैन पर आरोप है कि उसने कई शेल कंपनियों के जरिए करीब 40 करोड़ रुपये की रकम को बैंकिंग चैनलों में घुमाया. फर्जी बिलिंग, अलग-अलग फर्मों के नाम पर भुगतान और कई खातों में पैसे ट्रांसफर कर असली स्रोत छिपाने की कोशिश की गई. जांच एजेंसियों का दावा है कि बाद में यह रकम धीरे-धीरे नकद में निकालकर कथित मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाई जाती थी. इस पूरे खेल में कई फर्मों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके खातों का इस्तेमाल रकम घुमाने के लिए किया गया.
फिलहाल राकेश जैन केंद्रीय जेल रायपुर में बंद है. एसीबी-ईओडब्ल्यू का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं.



















