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मकर संक्रांति के दिन गलती से ना करें ये काम, नहीं तो हो सकती है धन हानि

मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर मनाया जाता है। यह दिन उत्तरायण का प्रतीक है और सूर्य देव की उपासना, दान और खिचड़ी का विशेष महत्व है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिन कुछ खास नियमों का पालन करना चाहिए। यदि इन नियमों की अनदेखी की जाए तो धन हानि, स्वास्थ्य समस्या या पारिवारिक अशांति हो सकती है। शास्त्रों में मकर संक्रांति के दिन कुछ काम वर्जित माने गए हैं। आइए जानते हैं उन 5 महत्वपूर्ण कामों के बारे में, जिन्हें इस दिन गलती से भी नहीं करना चाहिए।

दक्षिण दिशा में यात्रा ना करें

मकर संक्रांति के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा करना बहुत अशुभ माना जाता है। सूर्य उत्तरायण की ओर जा रहे होते हैं, इसलिए दक्षिण दिशा में जाना सूर्य की ऊर्जा का विरोध करना है। इससे धन हानि, यात्रा में बाधा या दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। अगर यात्रा बहुत जरूरी हो, तो पहले सूर्य देव को जल अर्पित करें और ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, इस दिन उत्तर या पूर्व दिशा में यात्रा करना शुभ होता है।

तिल या काले तिल का दान ना करें

मकर संक्रांति पर तिल बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन काले तिल या काले तिल से बनी चीजें दान करने से बचें। काले तिल शनि से जुड़े होते हैं और इस दिन सूर्य का प्रभाव प्रधान होता है। काले तिल दान करने से सूर्य-शनि में विरोध बढ़ता है, जिससे धन हानि और आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं। इसके बजाय सफेद तिल, गुड़, चीनी या खिचड़ी का दान करें। यह दान सूर्य देव को प्रसन्न करता है और धन की बरकत लाता है।

मांस-मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें

मकर संक्रांति के दिन मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज या कोई भी तामसिक भोजन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। यह दिन सूर्य देव का है और सात्विकता का प्रतीक है। तामसिक भोजन करने से सूर्य की ऊर्जा कमजोर होती है, जिससे स्वास्थ्य में कमी, मानसिक तनाव और धन हानि हो सकती है। इस दिन सात्विक भोजन जैसे खिचड़ी, दाल, चावल, गुड़ और तिल की चीजें खाएं। इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और साल भर सुख-समृद्धि बनी रहती है।

झूठ, क्रोध और नकारात्मक बातें ना करें

मकर संक्रांति के दिन झूठ बोलना, क्रोध करना या किसी से नकारात्मक बातें करना बहुत अशुभ माना जाता है। सूर्य देव सत्य और प्रकाश के देवता हैं। इस दिन झूठ या क्रोध करने से सूर्य की कृपा कम होती है और जीवन में आर्थिक तथा पारिवारिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। इस दिन सत्य बोलें, शांत रहें और सकारात्मक बातें करें। परिवार के साथ मिलकर सूर्य देव को जल अर्पित करें और ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें। इससे पूरे साल सूर्य की कृपा बनी रहती है।

दान और पूजा के सही नियम

मकर संक्रांति पर दान बहुत पुण्यदायी है, लेकिन गलत तरीके से दान करने से धन हानि हो सकती है। काले कपड़े या काले तिल का दान ना करें। सफेद वस्त्र, गुड़, चीनी, तिल की लड्डू या खिचड़ी का दान करें। सूर्य देव को अर्घ्य देते समय लाल चंदन, लाल फूल और गुड़ का उपयोग करें। पूजा करते समय सूर्य मंत्र का जाप करें। इन नियमों का पालन करने से धन हानि नहीं होती, बल्कि बरकत बढ़ती है।

मकर संक्रांति के दिन सही नियमों का पालन करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इन 5 बातों से बचें तो धन हानि और परेशानियां दूर रहेंगी। इस दिन सूर्य को जल अर्पित करें और सात्विक जीवन अपनाएं।

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