नवरात्रि के व्रत में लोग हल्का, पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन पसंद करते हैं। ऐसे में कुछ खास रेसिपीज न सिर्फ स्वाद बढ़ाती हैं, बल्कि सेहत का भी ध्यान रखती हैं। पेश हैं तीन आसान और हेल्दी व्रत रेसिपीज…
कुट्टू डोसा
कुट्टू का डोसा व्रत के लिए बेहतरीन ग्लूटेन-फ्री विकल्प है। यह हल्का होने के साथ पेट को लंबे समय तक भरा रखता है।
सामग्री:
कुट्टू का आटा, दही, सेंधा नमक, पानी, उबले आलू, अदरक, हरी मिर्च, घी
बनाने की विधि:
कुट्टू के आटे में दही और पानी मिलाकर पतला बैटर तैयार करें। उबले आलू को अदरक और हरी मिर्च के साथ हल्का भून लें। तवे पर बैटर फैलाकर उसमें आलू की स्टफिंग भरें और घी में क्रिस्पी होने तक सेंक लें।
स्वास्थ्य लाभ:
कुट्टू में मौजूद कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं और पाचन बेहतर बनाते हैं। मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देता है और थकान कम करता है।
सिंघाड़ा समोसा
अगर व्रत में कुछ कुरकुरा खाने का मन हो, तो सिंघाड़े के आटे का समोसा एक हेल्दी विकल्प है।
सामग्री:
सिंघाड़ा आटा, घी, सेंधा नमक, चिरौंजी/ड्राई फ्रूट्स, जीरा, धनिया
बनाने की विधि:
आटे में घी और सेंधा नमक डालकर गूंध लें। ड्राई फ्रूट्स और मसालों से स्टफिंग तैयार करें। समोसा बनाकर हल्के तेल में शैलो फ्राई करें।
स्वास्थ्य लाभ:
सिंघाड़ा आटा हल्का और क्षारीय (अल्कलाइन) होता है, जिससे पेट फूलने की समस्या कम होती है। ड्राई फ्रूट्स से मिलने वाले हेल्दी फैट्स ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
राजगिरा पराठा
राजगिरा पराठा व्रत में ऊर्जा देने वाला और पेट भरने वाला शानदार विकल्प है।
सामग्री:
राजगिरा आटा, उबले आलू, सेंधा नमक, घी
बनाने की विधि:
राजगिरा आटे में उबले आलू और सेंधा नमक मिलाकर आटा गूंध लें। पराठा बेलकर घी में अच्छे से सेंक लें।
स्वास्थ्य लाभ:
राजगिरा में प्रोटीन और आयरन भरपूर मात्रा में होता है, जो कमजोरी और एनीमिया के खतरे को कम करता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक होते हैं।



















