मेसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा फीचर रोलआउट किया है, जिसका नाम Group Message History रखा गया है। यह नया अपडेट खास तौर से उन ग्रुप्स के लिए फायदेमंद है, जहां अक्सर नए मेंबर्स ऐड किए जाते हैं और उन्हें चल रही बातों का रिफरेंस या कॉन्टेक्स्ट समझने में दिक्कत होती है। अब तक जब किसी यूजर को किसी ग्रुप में ऐड किया जाता था, तो वह सिर्फ वही मेसेज देख पाता था जो उसके ऐड होने के बाद भेजे गए हों। इससे बातों फ्लो टूट जाता था और कई बार अन्य मेंबर्स को पुराने मेसेज मैन्युअली फॉरवर्ड करने पड़ते थे।
कंपनी के मुताबिक, Group Message History फीचर इस समस्या को सॉल्व करता है। अब ग्रुप में शामिल होने वाले नए मेंबर्स उन रिसेंट मेसेजेस को भी देख सकेंगे, जो उनके जुड़ने से पहले भेजे गए थे। इससे ग्रुप ऑनबोर्डिंग आसान होगी और नए मेंबर को बार-बार ‘क्या चल रहा है?’ पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खास बात यह है कि यह फीचर पूरी तरह ऑप्शनल है, यानी इसे इस्तेमाल करना या ना करना ग्रुप एडमिन के हाथ में होगा।
ग्रुप एडमिन्स के पास होगा कंट्रोल
ग्रुप एडमिन यह तय कर सकते हैं कि वे नए मेंबर्स के साथ पुरानी चैट हिस्ट्री शेयर करना चाहते हैं या नहीं। इसके अलावा, वे यह भी चुन सकते हैं कि कितने मेसेज शेयर किए जाएं। कंपनी के मुताबिक, कम से कम 25 मेसेजेस से इसकी शुरुआत की जा सकती है, जिससे अलग-अलग तरह के ग्रुप, चाहे वह प्रोफेशनल हों, कम्युनिटी से जुड़े हों या पर्सनल अपनी जरूरत के अनुसार सेटिंग्स को कस्टमाइज कर सकते हैं।
प्राइवेसी के मामले में दमदार फीचर
Meta की ओनरशिप वाला यह इंस्टैंट मेसेजिंग प्लेटफॉर्म इस फीचर को प्राइवेसी के लिहाज से सेफ बता रहा है। कंपनी का कहना है कि Group Message History एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ ही काम करेगा। यानी जो भी मेसेज नए मेंबर के साथ साझा किए जाएंगे, वे केवल उसी ग्रुप के अंदर रहेंगे और किसी बाहरी यूजर को नहीं दिखेंगे। कंपनी ने साफ किया है कि इस अपडेट से उसके एन्क्रिप्शन सिस्टम में कोई ढील नहीं दी गई है।
ग्रुप के मेंबर्स को मिलेगा नोटिफिकेशन
ट्रांसपैरेंसी बनाए रखने के लिए, जब भी किसी नए मेंबर को मेसेज हिस्ट्री भेजी जाएगी तो ग्रुप के सभी मेंबर्स को इसका नोटिफिकेशन दिया जाएगा। शेयर किए गए मेसेज पर टाइमस्टैम्प और सेंडर की जानकारी भी साफ दिखाई देगी। साथ ही, यह मेसेज हिस्ट्री सामान्य चैट से अलग नजर आएगी, ताकि यूजर्स को कनफ्यूजन न हो। फीचर का ग्लोबल रोलआउट शुरू हो चुका है और यह जल्द ही एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगा। यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे अपने ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट रखें, जिससे वे इस नई सुविधा का लाभ उठा सकें।



















