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दो फैक्ट्रियों पर छापा 1040 किलो ‘मिलावटी पनीर’ नष्ट

रायपुर। राजधानी रायपुर में नकली पनीर बनाने की मिल रही शिकायत पर खाद्य-औषधि विभाग ने रविवार को पनीर बनाने वाली दो फैक्ट्रियों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की। दोनों फैक्ट्री परिसर में गंदगी का अंबार लगा था। यहां से मिल्क पाउडर के बोरे और तेल के टिन भी मिले। टीम ने दोनों फैक्ट्रियों से कुल 1040 किलो कच्चा पनीर जब्त कर जेसीबी मशीन से जमीन में दबाकर नष्ट किया। दोनों जगह से पनीर के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट तीन से चार दिन में आएगी। विभाग ने दोनों फैक्ट्रियों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

गंदगी के बीच तैयार हो रहा था ‘एनालॉग पनीर’

अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में साफ-सफाई का बेहद खराब स्तर था और चारों ओर गंदगी व बदबू का माहौल था। वहां ‘एनालॉग पनीर’ तैयार किया जा रहा था, जिसे असली पनीर के रूप में बाजार में बेचा जा रहा था। एनालॉग पनीर एक तरह का कृत्रिम उत्पाद होता है, जिसे दूध के बजाय अन्य पदार्थों से तैयार किया जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।

भाठागांव में केएलपी डेयरी

कार्रवाई 1

खाद्य एवं औषधि विभाग के अनुसार पनीर की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर कार्रवाई की है। भाठागांव स्थित हरिओम नगर के एमएस केएलपी डेयरी एंड प्रोडक्शन में छापा मारा। इस दौरान टीम ने फैक्ट्री में साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। फैक्ट्री में चारों ओर गंदगी पाई गई, जिसके बाद डेयरी फैक्ट्री से 540 किलो कच्चा पनीर जब्त कर नष्ट किया गया। मिल्क पाउडर, तेल के टिन भी बरामदः भाटागांव के एमएस केएलपी डेयरी एंड प्रोडक्शन में छापा मारने पहुंची टीम वहां गंदगी देखकर भड़क गई। यहां से मिल्क पाउडर के बोरे और बड़ी मात्रा में तेल के टिन भी बरामद किए गए।

उरला की डेयरी फैक्ट्री में छापा

कार्रवाई 2

टीम ने उरला के कन्हेरा रोड पर स्थित डेयरी संचालक हिमांशु बंसल के एसजे डेयरी प्रोडक्ट में छापा मारा। जांच के दौरान यहां भी गंदगी पाई गई। टीम ने डेयरी फैक्ट्री से तैयार 500 किलो पनीर जब्त कर नष्ट किया। इस दौरान खाद्य विभाग की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए उरला थाना प्रभारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अधिकारियों की मदद की।

अधिकारी बोले स्वास्थ्य के साथ हो रहा था खिलवाड़

खाद्य अधिकारी सर्वेश्वर यादव ने बताया कि विभाग को इस फैक्ट्री के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं. जांच में साफ सफाई की भारी कमी और नियमों का उल्लंघन सामने आया है. उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

फिलहाल, राज्य स्तर की टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस कार्रवाई के बाद रायपुर में खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग और अधिक सतर्क हो गया है. साथ ही, आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और स्रोत की जांच अवश्य करें.

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