रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए रेलवे ने नई पहल की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने राज्य में संचालित ट्रेनों के जनरल कोच में साफ-सफाई बेहतर बनाने के उद्देश्य से ‘बेटर ऑन-बोर्ड सर्विसेज’ नीति लागू की है। इसके तहत सामान्य श्रेणी के कोचों की सफाई पर विशेष ध्यान देने के साथ व्यवस्था की नियमित निगरानी भी की जाएगी।
जनरल कोच की सफाई पर विशेष ध्यान
ट्रेनों के जनरल कोच में यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण साफ-सफाई बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। नई नीति के माध्यम से इन कोचों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को साफ-सुथरा और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराना है।
सफाई व्यवस्था की होगी निगरानी
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की इस पहल में सफाई के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे कोचों की स्वच्छता की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार सफाई संबंधी कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इन ट्रेनों के लिए नीति लागू
भारतीय रेल ने ‘52 सप्ताह में 52 सुधार’ परिवर्तन एजेंडे के तहत इस पहल को शुरू किया गया है. बिलासपुर और रायपुर मंडल से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में इसे लागू किया जाएगा. ट्रेन नंबर (18237/18238) छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (बिलासपुर–अमृतसर), ट्रेन संख्या (20847/20848) हमसफर एक्सप्रेस (दुर्ग–हजरत निजामुद्दीन) और गाड़ी संख्या (12549/12550) सुपरफास्ट एक्सप्रेस (दुर्ग–एमसीटीएम उधमपुर) शामिल हैं.
सामान्य कोचों में होगी नियमित सफाई
नई व्यवस्था के तहत एसी और स्लीपर कोचों की तरह अनारक्षित या जनरल कोचों में भी नियमित सफाई की जाएगी. शौचालय, एंट्री गेट और डस्टबिन की सफाई यात्रा के दौरान की जाएगी. सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक वॉशरूम की सफाई हर घंटे की जाएगी.
इसके अलावा अन्य समय में सफाई हर दो घंटे के अंतर पर की जाएगी. सफाई व्यवस्था की निगरानी रखी जाएगी. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और जियो-टैगिंग से निगरानी रखी जाएगी. सफाई से पहले और बाद की स्थिति को रिकॉर्ड किया जाएगा. मोबाइल एप पर तस्वीरों को अपलोड किया जाएगा. रेलवे के द्वारा तय मानकों पर सत्यापित होने के बाद ठेकेदारों को भुगतान की अनुमति दी जाएगी.
कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी
सफाई कर्मचारियों को केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं रखा जाएगा. ये उन्हें छोटे विद्युत और प्लंबिंग संबंधी कार्यों के लिए भी ट्रेनिंग दिया जाएगा. लाइट, पंखे और पानी की उपलब्धता की समस्या को दूर किया जाएगा.


















