बैंक में खाता खुलवाओ
एक मंत्री के रिश्तेदार विभाग का खाता एक विशेष बैंक में खुलवाने के लिए परेशान हैं। उन्होंने संचालिका पर इतना दबाव बनाया कि वे परेशान हो उठीं। अधीनस्थों से नियम-कानून पता करवाए तो सभी ने मना कर दिया। संचालिका ने जैसे ही रिश्तेदार को बताया कि यह तो संभव नहीं है, तो वे परेशान हो उठे। उन्होंने कहा कि कहीं से कोई भी नियम बनाकर किसी तरह बैंक वाले के लिए नियम बनाओ। मैं नहीं जानता खाता तो इसी विशेष बैंक में ही खुलेगा।
कलेक्टर साहब की पार्टी
एक कलेक्टर साहब के बर्थ-डे पार्टी की चर्चा बहुत है। सुनने में आया है कि कुंवारे कलेक्टर साहब ने कॉकटेल पार्टी दी। इसमें सभी अधीनस्थ लोगों को भी बुलाया गया था। कुछ महिला अफसर भी पहुंची थीं। सबको अटपटा तब लगा जब अपने ही अधीनस्थ कुछ महिला अफसरों को साहब दरवाजे तक छोड़ने चले गए। महिलाओं ने मना भी किया कि सर आप रुकिए। लेकिन साहब की दरियादिली कहिए या कुछ और… साहब कहां मानने वाले थे। वैसे भी उनके क्लर्क के प्रति झुकाव को तो पूरा जिला ही जानता है।
चुनावी चंदे का बहाना
चुनाव को भी एक मंत्री के करीबी ने कमाई का हथियार बना लिया है। अभी विभाग में बड़ा टेंडर निकला है तो सुनने में आया है कि कारोबारियों से तीन प्रतिशत पहले मांगा जा रहा है। जो यह कमीशन देगा, उसी को टेंडर मिलेगा। ठेकेदारों को यह भी बताया जा रहा है चुनावी चंदे में भी सहयोग करना है। अब ठेकेदारों के बीच यह चर्चा है कि इस पार्टी में तो चुनावी चंदे की ऐसी कोई वसूली नहीं होती। लगता है कि वे चुनाव के बहाने अपनी तिजोरी भरने में जुटे हैं।
ओएसडी का महल
एक मंत्री के ओएसडी का सरकारी बंगला महल की तरह तैयार हो रहा है। उनके शिफ्ट होने से पहले बंगले का पूरा रिनोवेशन किया जा रहा है। इसमें करीब 40 लाख रुपए लगाए जा रहे हैं। दरवाजे से लेकर खिड़कियां तक बदली जा रही हैं। पीडब्ल्यूडी के अफसर भी इस बंगले पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। दिन भर 25-30 मजदूर तेजी से काम करने में लगे हैं। जबकि वहीं अगल-बगल वाले बंगले में छोटे से काम के लिए भी विभाग बजट न होने के नाम पर हाथ खड़ा कर दे रहा है।



















