विडम्बना
बांगलादेश में दो महिला नेताओं, शेख हसीना और बेगम खालिदा जिया की राजनीतिक टक्कर करीब तीन दशकों तक चलती रहीं। इसी राजनीतिक ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत अदावत में बांगलादेश खोखला होता चला गया। बांगलादेश की राजनीति में यह दोनों महिलाएं दो ब्रुव सी रहीं। लेकिन अब जब देश में आम चुनाव होने वाले। तो जहां खालिदा जिया इस दुनिया से चली गई। और शेख हसीना देश और राजनीति से भी बाहर। एक लंबे अंतराल के बाद का पहला ऐसा आम चुनाव होगा। जिसमें इन दोनों ही राजनीतिक शख्सियतों को गैर मौजूदगी होगी। इधर, बांगलादेश का वर्तमान नेतृत्व लगभग पाकिस्तान की गोदी में बैठा हुआ और पूरा तंत्र कट्टरपंथियों के कब्जे में। चूंकि मामला अपने पड़ोस का। सो, सब कुछ आंख मूंदकर देखा नहीं जा सकता। फिर यहां दुनियां की बड़ी ताकतों का हस्तक्षेप। उनको रूचि भारत की परेशानी बढ़ा रही।
कथनी और करनी
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी कमांडो कार्रवाई में उनके महल से उठाना और उन्हें अमेरिकी की जेल तक पहुंचा देना। ऐसा शायद ही हुआ हो। जब किसी संप्रभु देश के शासनाध्यक्ष को यूं किसी ताकतवर देश द्वारा अपराधियों की तरह उठा लिया गया हो। यह किसी भी तरीके से स्वीकार्य कार्रवाई नहीं। यह एक्शन अमरीकी कथनी और करनी को दिखाता। रूस, चीन और उत्तर कोरिया ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। ती भारत की सधी हुई प्रतिक्रिया चहुत कुछ कह रही। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस कार्रवाई से उत्साहित हो अन्य देशों को भी धमका रहे। साथ में भारत के खिलाफटैरिफको बात। जो उनको भारत को नियंत्रित नहीं कर पाने की बौखलाहट। कोई पैंतरा काम नाहीं कर रहा। इसीलिए उत्तुल जुलूल बयानबाजी। लेकिन उनका बस चल नहीं पा रहा। फिर आज का भारत पहले जैसा नहीं रहा।

जिम्मेदारी
कांग्रेस में प्रियंका गांधी को नई जिम्मेदारी मिलने की खासी चर्चा। उन्हें असम में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की छंटनी करने वाली स्क्रिनिंग कमेटी की मुखिया बनाया गया। वैसे वह पूर्व में भी यूपी चुनाव की कमान संभाल चुकों। वह पार्टी महासचिव भी। लेकिन इस बार ज्यादा हलचल। असल में, राजनीतिक जानकार प्रियंका को दी गई जिम्मेदारी को कांग्रेस की आंतरिक राजनीति से जोड़कर देख रहे। पार्टी के कई नेता दची जुबान में राहुल गांधी के बजाए प्रियंका गांधी को आगे करने की बातें करते रहते। क्योंकि उनकी नजर में राहुल गांधी लगातार राजनीतिक रुप से विफल साबित हो रहे। तमाम प्रयासों के बावजूद राहुल गांधी कांग्रेस की वांछित सफलता नहीं दिला पा रहे। ऐसे में, प्रियंका गांधी की मांग होती रहती। वहीं, जानकार इसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की प्रतिद्वंदिता से भी जोड़कर देख सहे।
साख पर बट्टा
कमांडो ऑपरेशन किया अमरीका ने। मैदान बना वेनेजुएला। शिकार बने वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरी। लेकिन दर्द से चीखें निकल रहीं चीन की। घटनाक्रम में गजब का कनेक्शन। असल में, कमांडो कार्रवाई के दौरान राष्ट्रपति मादुरो की सुरक्षा में लगे सैनिकों द्वारा इसका प्रतिकार नहीं करने को लेकर कई कहानियां सामने आ रहीं। इसमें एक चीन का एंगल भी। क्योंकि राष्ट्रपति के सुरक्षाकर्मियों के पास जो हथियार थे। वह चीन निर्मित थे। लेकिन जब इनको उपयोग करने का अवसर आया। तो वह जवाब दे गए। जैसे ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान के साथ हुआ था। जब भारतीय मिसाइलों को चीन में बने रडार पकड़ नाहीं पाए। ठीक वही काम वेनेजुएला में भी हो गया। अब चीन विरोध तो राजनयिक स्तर पर कर रहा। लेकिन असल में वैश्विक हथियारों के बाजार में चीनी हथियारों की साख पर बट्टा जो लग गया।
भटका दिया ?
क्या मोदी सरकार ने कांग्रेस को मुद्दों पर भटका दिया। अब कांग्रेस की ताजातरीन मुद्दा मिल गया मनरेगा वापस लाओ। इससे पहले राहुल गांधी बोट चोरी का मुद्दा देशभर में जोर शोर से उठा रहे थे। जबकि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव सिर पर। वैसे बिहार के नतीजों ने बता दिया कि इसमें दम नाहीं। वहीं, यूपी में सपा प्रमुख अखिलेश इस मामले में पूरी तरह से भ्रमित नजर आए। इससे पहले कांग्रेस खासकर राहुल गांधी पेगासस के जरिए जासूसी का मुद्दा उठा चुके। कभी अडानी और अंबानी। वो कभी एलआईसी का मुद्दा। तो कभी हिंडनबर्ग का मुद्दा। तो कभी मणिपुर हिंसा। अब फिलहाल तो मनरेगा। जिसके नए नाम को लेकर भी कांग्रेस को आपत्ति। शायद सरकार यही चाहती। लेकिन वह भी चुनावी माहौल में पीका पड़ जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। इस दौरान मोदी सरकार की अपनी चाल।
- 14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सूर्य करेंगे मकर राशि में प्रवेश, जानें मकर संक्रांति का स्नान-दान मुहूर्त
- 60 साल की महिला का 35 साल के युवक से अफेयर; भागकर की लव मैरिज, फिर बीच सड़क हाईवोल्टेज ड्रामा
- रायपुर पुलिस का महा-अभियान: 10% सड़क हादसे कम करने का लक्ष्य
- रायपुर में इंटरनेशनल Sex रैकेट ? बिना वीजा दिल्ली से फ्लाइट लेकर रायपुर पहुंचीं 2 उज्बेकी युवतियां, और होटल में…
- इस नेता ने किया भाजपा से फिर कांग्रेस में वापसी का ऐलान




















